पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :
अयोध्या में तीन दिनों के लिए आलोक पर्व शुरू हो रहा है। जो कि न केवल श्रद्धा का उत्सव है , बल्कि विश्व को यह संदेश भी देगा कि राम की नगरी केवल इतिहास नहीं, जीवंत अध्यात्म है।
इस बार अयोध्या दीपोत्सव और भव्य होने जा रहा है, क्योंकि पूरी तरह से राम मंदिर बनने के बाद यह पहला दीपोत्सव है। दीपों की पंक्तियां सड़कों से लेकर घाटों तक सज रही हैं। मानो हर दीया रामलला के स्वागत का निमंत्रण पत्र हो। आज से आरंभ हो रहे तीन दिवसीय दीपोत्सव में अयोध्या अपने पूर्ण भव्य शृंगार में नजर आएगी। 19 अक्टूबर को होने वाले दीपोत्सव में इस बार भव्यता और दिव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। तीन दिनों तक चलने वाला यह आलोक पर्व ,छोटी दीपावली पर 19 अक्तूबर को 28 लाख दीपों से राम की पैड़ी को आलोकित कर विश्व कीर्तिमान बनाने की पूरी तैयारी है। सरयू तट पर जगमगाने वाले 28 लाख दीपों के बीच इस बार तकनीक और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
राम की नगरी इस बार केवल दीपों की रौशनी से ही नहीं, बल्कि डिजिटल आभा से भी जगमगाने जा रही है। दीपोत्सव 2025 में दीयों की रोशनी और डिजिटल तकनीक का यह संगम आस्था और आधुनिकता का अनूठा उदाहरण बनेगा। जानकारी के अनुसार ‘दीपोत्सव-2025 में कोरियोग्राफ्ड म्यूजिकल ड्रोन शो और 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो को लेकर दर्शकों में उत्साह है. स्वदेश निर्मित 1,100 ड्रोन आसमान में रामायण के विभिन्न प्रसंगों की झलकियां प्रस्तुत करेंगे. आकाश में अद्भुत कलाकृतियां उभरकर एक दिव्य दृश्य प्रस्तुत करेंगी।
आलोक पर्व का आयोजन शुक्रवार यानी की कल से शुरू हो जाएंगे। विदेशी कलाकारों की रामलीला भी इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। 18 व 19 अक्तूबर को रामकथा पार्क सहित अन्य मंचों पर विदेशी कलाकार रामकथा का मंचन करेंगे। दीपोत्सव में रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के इन पांच देशों के कलाकार भी मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की लीला का मंचन करेंगे।
जहां भिन्न भाषाओं में एक ही भाव प्रतिध्वनित होगा “जय श्रीराम”। नगर की सड़कों पर पुष्पों की वर्षा, मंदिरों में गूंजते मंगल गीत, और गलियों में झिलमिलाती रोशनी अयोध्या को साक्षात स्वर्ग का रूप देंगी।
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