पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक
नासिक टीसीएस मामले में आरोपी निदा खान को हिरासत में लिया गया है। नासिक पुलिस ने इस संबंध में पुष्टि की है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नासिक की बहुराष्ट्रीय कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) बीपीओ यूनिट में कथित यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण के मामले में मुख्य आरोपी निदा खान को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें छत्रपति संभाजीनगर से पकड़ा है। अब तक इस मामले में कुल 9 एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं और निदा खान सहित लगभग 7-8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है
पुलिस ने महाराष्ट्र के कई इलाके में उसकी तलाश कर रही थी। यह गिरफ्तारी बलात्कार और यौन शोषण के मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के करीब 40 दिनों के बाद हुई है। प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद निदा फरार हो गई थी।
निदा खान पर एक 23 वर्षीय महिला ने गंभीर आरोप लगाए थे, आरोप है कि जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच आरोपितों ने पीड़िता को एक विशेष धर्म की देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक बातें बताकर उसकी धार्मिक भावनाएं आहत कीं। साथ ही यह भी आरोप है कि निदा ने महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने के लिए दबाव डाला।
भारतीय न्याय संहिता के यौन उत्पीड़न और मानहानि संबंधी प्रविधानों के साथ ही निदा पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति की है।
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपितों ने कंपनी के भीतर समूह बनाकर संगठित तरीके से गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया गया।
इस पर टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि निदा खान एचआर मैनेजर नहीं बल्कि एक ‘प्रोसेस एसोसिएट’ थीं। कंपनी ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है ।
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