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व्रत के दौरान क्या खाए,क्या खाने से बचे

पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :

पूरे भारत में कई लोग नवरात्रि में पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं। नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है और भक्त शारीरिक-आध्यात्मिक शुद्धि के लिए उपवास रखते हैं।इस दौरान सात्विक भोजन, जैसे कुट्टू का आटा, साबूदाना, फल, और सेंधा नमक आदि का सेवन किया जाता है। यह समय शरीर को डिटॉक्स (विषैले पदार्थ बाहर निकालने) करने का बेहतरीन मौका है।

डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए व्रत की ये डाइट फायदे की बजाय नुकसान पहुंचा सकती है। इस दौरान लोग आमतौर पर डीप फ्राइड आलू, साबूदाना वड़े, मूंगफली और मिठाइयां खाते हैं। इससे खाने का स्वाद तो बढ़ जाता है, लेकिन ये वजन और ब्लड शुगर बढ़ा सकता है। इससे थकान और भारीपन महसूस होता है। व्रत के साथ साथ कैसे रखे खुद का ख्याल –

क्या खाने में रखें सावधानी :

• व्रत के दौरान स्टार्च और कार्ब्स से भरपूर होते हैं,कम खाना चाहिए – जैसे : साबूदाना, आलू (इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है, ये ब्लड शुगर तेजी से बढ़ाते हैं)
• व्रत के दौरान डीप फ्राई फूड खाते हैं इनमें फैट बहुत ज्यादा होता है- जैसे वड़ा, चिप्स (जो आपका वजन बढ़ा सकता है)
• अधिक मीठा खाने से या शुगरी ड्रिंक्स लेने से बचना चाहिए ,जैसे -शरबत, मिठाइयां आदि (इनमें बहुत शुगर होती है)
• ज्यादा घी-तेल से भी कैलोरी और बढ़ जाती है।
• लो प्रोटीन और लो फाइबर फूड्स खाने से बचना चाहिए।
• मैदा, बहुत ज्यादा तला हुआ भोजन, अत्यधिक नमक, चाय/कॉफी का ज्यादा सेवन, डिब्बाबंद जूस।

क्या खाना है सेहत के लिए सही :

• डीप फ्राई की जगह उबली, भुनी या बहुत कम तेल में बनी चीजें खाएं।
• थाली में प्रोटीन से भरपूर चीजें खाने में शामिल करें (जैसे, पनीर, मूंगफली और दही) ।
• फाइबर के लिए थाली में सलाद बढ़ाएं, जैसे – फल और सब्जियां
• दिन भर में पर्याप्त पानी, नारियल पानी, नींबू पानी या छाछ का सेवन करना लाभदायक है।
• ओवरईटिंग से बचें, थोड़े-थोड़े समय में हल्का भोजन करें, जिससे पेट को आराम मिले और एनर्जी बनी रहे।
• साबूदाना के बजाय राजगीरा (अमरंथ) की खिचड़ी, सिंघाड़े के आटे की रोटी या उबले हुए शकरकंद का सेवन करें। यह पेट को ठंडक देते हैं

व्रत के दौरान खानपान और दिनचर्या में बदलाव के कारण कई लोगों को सुस्ती या वेट गेन की समस्या हो सकती है। ऐसे में सही हाइड्रेशन, हल्की एक्टिविटी और संतुलित विकल्पों से ऊर्जा बनी रहती है।

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