पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :
IIT कानपुर उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन (MDM) का सोशल ऑडिट करेगा। यह कदम मध्याह्न भोजन योजना (जो अब PM पोषण योजना है) की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, जिसके तहत बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलता है। इसे कानपुर समेत 7 जिलों के 2885 विद्यालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि योजना में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन (एमडीएम) का सोशल आडिट आइआइटी कानपुर करेगा। संस्थान को कानपुर नगर के 39 परिषदीय, राजकीय व अशासकीय विद्यालय, मदरसों के साथ सात अन्य जिलों में एमडीएम के सोशल आडिट की जिम्मेदारी मिली है। प्रदेश भर में कुल 2885 विद्यालयों को सोशल आडिट के लिए चयनित किया गया है।
एमडीएम कक्षा की भूख को कम करने में मदद करता है, बेहतर सीखने को बढ़ावा देता है और बच्चे के स्वस्थ विकास को सुगम बनाता है। इस कार्यक्रम की सफलता के बावजूद, भारत में बाल भूख एक समस्या के रूप में बनी हुई है। यह सामाजिक और लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है, क्योंकि सभी बच्चों को समान भोजन मिलता है और वे एक साथ बैठकर खाना खाते है।
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