पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :
मौसम विभाग के मुताबिक, देशभर में लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच नौतपा की शुरुआत हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तेज गर्मी और लू के कारण लोगों में हार्ट अटैक, किडनी फेलियर और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
भारत के 50 से ज्यादा शहर दुनिया के सबसे गर्म शहर बने हुए हैं। आज यानी 25 मई से नौतपा शुरू हो रहा है। अनुमान है कि इन 9 दिनों में सूरज की तपिश और बढ़ सकती है, जिससे नौतपा के दौरान तापमान काफी बढ़ जाता है, जिससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है जिससे हार्ट से लेकर ब्रेन तक दबाव बढ़ सकता है।
डॉक्टरों ने खास तौर पर बुजुर्गों, बच्चों, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। धूप में काम करने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। उन्होंने सलाह दी कि दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। यदि सीने में दर्द, सांस फूलना, ज्यादा पसीना आना, चक्कर या घबराहट महसूस हो तो तुरंत छाया में जाकर आराम करें और ठंडा पानी या पेय लें। जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
इन दिनों रखे इन खास बातों का ध्यान :
1. बाहर जाते समय सिर को ढककर रखें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ, दही लेनी चाहिए। सत्तू, छाछ, शिकंजी, बेल का शरबत और अन्य ठंडे पेय पदार्थ पिएं
2. हृदय रोगी तेज धूप यानी सुबह 10 से दोपहर तीन बजे तक घर से निकलने से बचें।
3. कम नमक और कम फैट वाला ही भोजन करें।
4. अगर तेज गर्मी महसूस हो तो ठंडे स्थान पर सीधे लेट जाएं।
5. लगातार काम करने से बचें। शरीर को कुछ देर आराम जरूर दें।
6. बीपी, शुगर और मोटापे को नियंत्रित करने के लिए डाक्टर की सलाह से ही दवा लें।
7. तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी जैसे पानी वाले फल खाएं।
8. हल्का और कम तेल मसाले वाला भोजन लें। हरी सब्जियां, सलाद मौसमी फल लें।
9. ओट्स, दलिया, दाल और हाई फाइबर भोजन लें। कम नमक वाला भोजन करें।ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन न खाएं।
10. फास्ट फूड और जंक फूड से बचें।
11. कोल्ड ड्रिंक और ज्यादा मीठे पेय पदार्थ से बचें।
12. धूप से आकर तुरंत बर्फ वाला या ठंडा पानी न पिएं।
13. रेड मीट और ज्यादा तेल वाली चीजों से परहेज करें।
14. शराब और धूमपान से बचें।
15. खाली पेट लंबे समय तक न रहें।
16. ज्यादा चाय और काफी का सेवन न करें।
पसीना निकलने से शरीर में पानी और जरूरी खनिजों की कमी हो जाती है। इसके कारण डिहाइड्रेशन, कमजोरी और चक्कर आने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। शरीर में पानी की कमी होने पर किडनी भी प्रभावित हो सकती है और गंभीर मामलों में किडनी फेलियर का खतरा बढ़ जाता है। इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ने से दिमाग की कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ सकता है, जिससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। नौतपा की भीषण गर्मी (लू और हीटवेव) में तापमान 45°C के पार जाने पर शरीर का प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम फेल सकने के कारण इससे खून गाढ़ा होने लगता है, अधिक गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के लिए दिल तेजी से काम करता है। इससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ या घट सकता है और हार्ट संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
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