पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :
एक आईएएस अधिकारी की इस तरह से कान पकड़ कर उठक-बैठक करने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें वह धरना दे रहे वकीलों के बीच में माफी मांग रहे हैं और उठा बैठक भी लग रहे हैं। यह वही अफसर हैं जिन्होंने 2009 में मुजफ्फरनगर में समाज कल्याण अधिकारी रहते करीब 100 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश किया था।
यूपी के शाहजहांपुर में अपनी ज्वाइनिंग के पहले ही दिन आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह को हंगामे का सामना करना पड़ा। वकीलों की नराजगी को लेकर कान पकड़कर उठक-बैठक लगानी पड़ी। रिंकू सिंह राही, जो हाथरस के निवासी हैं और दिव्यांग कोटे से 2022 बैच के IAS अधिकारी हैं।
दरअसल, मथुरा से ट्रांसफर होकर आए रिंकू सिंह राही का कहना है कि अगर कोई गलती करता है तो उसको दंड मिलना चाहिए, ताकि वह दोबारा से ऐसी गलती ना करे।
फिलहाल आईएएस अफसर का यह वीडियो प्रशासनिक और पुलिस अफसर के बीच में चर्चा का विषय बना हुआ है
रिंकू सिंह ने मंगलवार को ही पुवायां तहसील में ज्वाइनिंग की थी। इसके बाद साफ सफाई को लेकर विशेष निर्देश जारी किए। इसी बीच तहसील परिसर में एक वकील के मुंशी को खुले में पेशाब करते देख रिंकू सिंह नाराज हो गए। उन्होंने मुंशी से ऐसा करने के कारण उठक-बैठक कराई। इसके साथ ही ऐसा दोबारा नहीं करने की चेतावनी भी दी।
यह खबर वहां से कुछ दूर चल रहे वकीलों के धरना स्थल पर पहुंची तो आक्रोश फैल गया। उठक बैठक करने वाला मुंशी भी धरना स्थल पर पहुंच गया। इसके बाद आक्रोशित वकीलों ने एसडीएम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
एसडीएम रिंकू सिंह को इसकी जानकारी हुई तो वह खुद ही धरना स्थल पर पहुंच गए और कहा कि खुले में पेशाब करना गलत है, चाहे कोई भी हो। इस पर वकीलों ने तंज कसते हुए कहा कि एसडीएम साहब भी उठक-बैठक लगाएं। इस पर एसडीएम ने पूछा कि तहसील का सबसे बड़ा अधिकारी कौन है, जवाब मिला—आप। फिर क्या था, एसडीएम ने खुद कान पकड़कर उठक-बैठक शुरू कर दी।
चलिए आपको बताते है कि एसडीएम रिंकू सिंह ने क्यों किया ऐसा , पूछने पर एसडीएम रिंकू सिंह ने कहा कि कुछ लोग शौचालय के बाहर दीवार पर लघुशंका कर रहे थे, मैंने उनसे उठक-बैठक लगवाई। जब मैं वकीलों के धरने में पहुंचा तो उन्होंने कहा कि शौचालय में बहुत गंदगी है, इसकी जिम्मेदारी आपकी व तहसीलदार की है। क्या आप उठक-बैठक लगाएंगे या आम आदमी ही उठक-बैठक लगाने के लिए बना है। इसके बाद मैंने वकीलों का चैलेंज स्वीकार किया और धरनास्थल पर ही उठक-बैठक लगाई।
हालांकि बाद में आईएएस अफसर का कहना है कि उन्होंने वकीलों से बेहतर तालमेल बनाने के लिए ऐसा किया है।
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