पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :
आज राज्यसभा में सभापति सीपी राधाकृष्णन पहली बार बतौर पीठासीन सभापति कार्यवाही का संचालन किया। 12 सितंबर 2025 को भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी, और उपराष्ट्रपति होने के नाते वे राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं। आज श्री सी.पी. राधाकृष्णन पहली बार राज्यसभा के सभापति के रूप में अभिनंदन किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पहली बार राज्यसभा की अध्यक्षता करने पर श्री सी.पी. राधाकृष्णन का अभिनंदन किया। वे भारत के 15वें उपराष्ट्रपति हैं और इसी पद के नाते वह राज्यसभा के सभापति भी हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र
मोदी ने आज पहली बार राज्यसभा की अध्यक्षता करने पर
उपराष्ट्रपतिश्री सी.पी. राधाकृष्णन का स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने इस दिन को राज्यसभा के सभी माननीय
सदस्यों के लिए गौरव का क्षण बताया,सभापति का हार्दिक स्वागत करते हुए, श्री मोदीने कहा, “इस सदन की ओर से
और अपनी ओर से, मैं आपको हार्दिक बधाई और
शुभकामनाएं देता हूं। मैं आपको यह भी विश्वास दिलाता हूं,
कि इस उच्च सदन क सभी माननीय सदस्य इस प्रतिष्ठित संस्था की गरिमा को सदैव बनाए रखेंगे और अपनीगरिमा बनाए रखने के प्रति भी सदैव सजग रहेंगे यह मेरा आपको दृढ़ आश्वासन है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान परिवार से आने वाले चेयरमैन श्री राधाकृष्णन ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा में समर्पित कर दिया। श्री मोदी ने कहा,”समाज सेवा उनकी
निरंतर पहचान रही है। राजनीति तो बस एक पहलू थी, सेवा भावना उनके जीवन के मूल में रही।”उन्होंने
झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगानाऔर पुडुचेरी में राज्यपाल और उपराज्यपाल के रूप में उनकीसमर्पित सेवा की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने झारखंड के आदिवासी समुदायों के
साथ उनके गहन जुड़ाव की विशेष रूप से प्रशंसा की, हालांकि, उनका स्वागत करते समय सदन के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कुछ ऐसी बात कही, जिस पर पूरे दिन चर्चा होती रही।
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