पूनम शुक्ला: मुख्य प्रबंध संपादक :
उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए खुशखबरी है। लखनऊ के साथ कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में रोजगार मेला लगेगा। यह बेरोजगार युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। डिजिटल, एआई और पर्यावरण सहयोगी नौकरी के लक्ष्य के साथ प्रदेश को स्किल हब बनाया जाएगा।
प्रदेश सरकार द्वारा जल्द ही वृहद रोजगार मेलों (मेगा जॉब फेयर) का आयोजन किया जाएगा। युवाओं को ध्यान में रख शुरू की गई योजनाएं विकसित यूपी विकसित भारत 2047 को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी। यह पहल राज्य में बेरोजगारी दर को कम करने और युवाओं को उद्योग-उन्मुख कौशल प्रशिक्षण के साथ-साथ सीधे रोजगार प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश में जल्द ही लखनऊ, गोरखपुर, झांसी,वाराणसी और मुजफ्फरनगर में बड़े पैमाने पर
रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। 100 से अधिक कंपनियां 15 हजार से अधिक रोजगार के मौके उपलब्ध कराएंगी।
जल्द ही लखनऊ, गोरखपुर, झांसी, वाराणसी और मुजफ्फरनगर में रोजगार मेला का आयोजन होगा। इन रोजगार मेलों में भाग लेने के लिए युवाओं की शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं, आईटीआई, ग्रेजुएट (बीए, बी.कॉम, बी.एससी) और उच्च शिक्षा प्राप्त उम्मीदवारों तक रखी गई है, जिसका मतलब है कि यह अवसर हर स्तर के युवाओं के लिए खुला है ताकि सभी बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान किया जाए। पूर्व में लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ में लगभग सौ कंपनियों ने 50 हजार से अधिक नौकरी युवाओं को दी थीं। रोजगार मेलों में भाग लेने के लिए इच्छुक युवा सेवायोजन विभाग, उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट rojgaarsangam.up.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। यह पंजीकरण नियोक्ता और रोजगार के इच्छुक युवा दोनों के लिए खुला है,
युवाओं के कौशल विकास और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण को मजबूत बनाने के लिए 1,747 प्रशिक्षण साझेदारों का चयन किया गया है। इनके सहयोग से युवा डिजिटल मार्केटिंग, ईवी मैन्युफैक्चरिंग, एआई और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में दक्ष हो रहे हैं। राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में स्थापित स्टार्टअप इंक्यूबेटर्स ने युवा उद्यमिता को भी नया आयाम दिया है।
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