पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :
यूपी में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की प्रगति की समीक्षा के क्रम में बीएलओ को सख्त निर्देश दिए गए हैं। यूपी में बीएलओ सुबह से शाम तक घर-घर जाकर प्रपत्र भरवाने में लगे हैं।
विद्यालयों के अधिकांश शिक्षकों की बीएलओ ड्यूटी लगने से जहां स्कूलों की नियमित पढ़ाई लड़खड़ा गई है वहीं शिक्षकों को मतदाता प्रपत्र भरवाने में पसीने छूट रहे हैं। मतदाता बीएलओ भी सही जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। यही कारण है कि एसआइआर के कार्य की गति नहीं बढ़ पा रही है। उन्हें गणना फार्म समय पर भरवाने का निर्देश दिया गया है।
SIR का काम तेजी से जारी है, इसी बीच यूपी के BLO को कहना था कि उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।साथ ही उनको सर्वर से जुड़े मुद्दों से भी जूझना पड़ रहा है। दिन में पुरुषों के दफ्तर जाने और घर पर महिलाओं के मिलने से वह दरवाजा खोलने से ही इन्कार कर देती हैं। शिक्षकों का कहना है कि मतदाता के दरवाजे पर दस्तक देने पर कई बार वह जानकारी देने से ही इन्कार कर देते हैं।
कई बार समझाने पर आधी अधूरी जानकारी दी जाती है और अधिक जानकारी देने के लिए दूसरे दिन बुलाया जाता है। इससे समय अधिक लग रहा है। शिक्षकों के अनुसार यदि मतदाता जागरूक हो तो यह मुश्किलें कम हो सकतीं हैं।
एसआईआर प्रक्रिया में लगे बीएलओ भी कम परेशान नहीं हैं। किसी के फोटो नहीं लगे हैं, किसी घर में शादी तो कोई बाहर गया है। कई मोहल्लों में महिलाएं पुरुषों के नहीं होने की बात कहकर दरवाजा ही नहीं खोलती हैं। कई स्थानों मे घर-घर एसआईआर फॉर्म बांटने के बाद मतदाता फॉर्मों को देने में आनाकानी कर रहे हैं। कई लोग समझाने के बाद भी गलत विवरण दे देते हैं फिर शाम को फॉर्म दोबारा भरना पड़ता है। इसके बावजूद फार्म भरने में विफल हो रहे है। शिक्षकों का कहना है कि मतदाता के दरवाजे पर दस्तक देने पर कई बार वह जानकारी देने से ही इन्कार कर देते हैं। अधिकांश लोगों को लगता है कि बीएलओ का घरों में चक्कर काटना ही है। कई लोग तो प्रपत्र भरने में रुचि नहीं दिखाते।
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