पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :
CJI बीआर गवई भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद से रिटायर हो गए हैं । वहीं, जस्टिस सूर्यकांत देश के 53वें CJI बन गए हैं। सोमवार 24 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस सूर्यकांत को भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई है।
सोमवार को जस्टिस सूर्यकांत ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया/CJI के पद की शपथ ले ली है और अपना पद संभाल लिया है।इस मौके पर पीएम मोदी समेत कई और नेता राष्ट्रपति भवन में मौजूद थे। पूर्व CJI बीआर गवई की जमकर तारीफ होने लगी। सोमवार को अपने उत्तराधिकारी न्यायमूर्ति सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह के बाद राष्ट्रपति भवन में उनके लिए आधिकारिक मर्सिडीज-बेंज कार छोड़ दी। जो चर्चा का विषय बन गई।
पूर्व CJI बीआर गवई ने सोमवार को एक नई मिसाल कायम कर दी है। दरअसल, पूर्व CJI बीआर गवई ने जस्टिस सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह के बाद राष्ट्रपति भवन में उनके लिए सरकारी कार छोड़ दी और वहां से अपने निजी वाहन से रवाना हुए। बीआर गवई CJI के लिए निर्धारित सरकारी वाहन (आधिकारिक मर्सिडीज-बेंज कार) छोड़कर एक वैकल्पिक वाहन में राष्ट्रपति भवन से वापस लौटे।
सूत्रों के मुताबाकि, उन्होंने ऐसे इसलिए किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके उत्तराधिकारी CJI सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए सरकारी वाहन का उपयोग कर सकें और पहले दिन से ही आधिकारिक वाहन उपलब्ध हो सके। पूर्व CJI बीआर गवई ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसकी जमकर तारीफ हो रही है।
आपको बता दें कि न्यायमूर्ति गवई ने 14 मई 2025 को भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। वह छह महीने के कार्यकाल के बाद 23 नवंबर, 2025 को सेवानिवृत्त हुए । पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन के 2010में सेवानिवृत्त होने के बाद, न्यायमूर्ति गवई नौ वर्षों में अनुसूचित जाति समुदाय से सर्वोच्च न्यायालय के पहले न्यायाधीश थे। न्यायमूर्ति गवई ने सर्वोच्च न्यायालय के कई ऐतिहासिक फैसलों में योगदान दिया है। वे संविधान पीठों का हिस्सा थे जिन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द करने का फैसला सुनाया था।
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