Wednesday , December 10 2025

एटीएस ने कानपुर के कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉक्टर को किया अरेस्ट

पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के डॉ. मोहम्मद आरिफ को कानपुर में हिरासत में लिया गया है।  जांच में उसका कनेक्शन मारे गए आतंकी डॉक्टर उमर और उसकी सहयोगी लेडी टेररिस्ट डॉ. शाहीन से मिला।

डॉ. शाहीन की कुंडली खंगालने के दौरान जांच एजेंसियों को कानपुर से एक और कामयाबी मिली है। दिल्ली कार ब्लास्ट केस में एटीएस ने कानपुर के कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉक्टर आरिफ को अरेस्ट किया है। कारोबारी के फ्लैट से डॉ. आरिफ को हिरासत मेंं लेने के बाद से गुरुवार को दिनभर इलाके में अफरातफरी मची रही। डाॅ. आरिफ नजीराबाद थानाक्षेत्र के अशोकनगर से उन्नाव के भट्ठा कारोबारी कन्हैयालाल के फ्लैट में किराए से रहता था। चौकी पुलिस के आते जाते रहने के कारण इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं तेज रहीं और सभी आपस में कान फूसी करते नजर आए साथ ही  दिनभर लोग रुक-रुककर बिल्डिंग की वीडियो और फोटो कर सोशल मीडिया में अपलोड करते रहे।

खबर के अनुसार डॉक्टर आरिफ मीर (32) जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के खागुनसादीवारा इलाके का रहने वाला है। उसके पिता का नाम गुलाम हसन मीर है। जांच में यह भी सामने आया कि शाहीन और आरिफ के बीच हर रोज एक दूसरे से बात करते थे। खबर के अनुसार दिल्ली ब्लास्ट में शामिल डॉ. उमर और डॉ. आरिफ दोनों ने एक साथ एमबीबीएस किया था।  साल 2024 में  दोनों ने SKIMS मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से एमबीबीएस पूरा किया,जांच में सामने आया है कि यहीं से दोनों एक-दूसरे के संपर्क में थे। माना जा रहा है कि डॉ. उमर के जरिए ही वह लेडी टेररिस्ट डॉ. शाहीन से जुड़ा था। आरिफ, उमर और शाहीन की चैटिंग और ई-मेल भी ATS को मिले हैं। आरिफ के लैपटॉप में अहम डेटा भी मिला है। ATS ने आरिफ का मोबाइल और लैपटॉप भी जब्त कर लिया।

बता दें कि आरिफ कानपुर के हृदय रोग संस्थान में प्रथम वर्ष का छात्र था। आरिफ ने अगस्त 2025 में फर्स्ट ईयर के रेजिडेंट के रूप में कार्डियोलॉजी में जॉइन किया था। सेकेंड राउंड की काउंसिलिंग में उसने कानपुर चुना। जांच में सामने आया कि टेररिस्ट यूपी को दहलाना चाहते थे। इसीलिए उन्होंने यूपी के टॉप शहरों को चुना था। इनमें कानपुर भी एक है। बुधवार (12 नवंबर) को ATS कानपुर पहुंची। आरिफ जब अस्पताल से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में ATS ने उसे पकड़ लिया। सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस की विशेष टीम अब डॉ. आरिफ को पूछताछ के लिए दिल्ली ले गई है

डॉ. शाहीन के फरीदाबाद चले जाने के बाद कानपुर में ऐसा कोई नहीं था, जो जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क को खड़ा कर सके। ऐसे में माना जा रहा है कि डॉ. आरिफ का कानपुर आना उसी प्लान का हिस्सा रहा होगा। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit exceeded. Please complete the captcha once again.

E-Magazine