पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :
उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठ में वृद्धा पेंशन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। यूपी सरकार ने वृद्धा पेंशन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। यूपी के बुजुर्गों को अब पेंशन पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की परेशानी होगी खत्म।
शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने कहा कि अब वृद्धावस्था पेंशन के लिए फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। यूपी में वृद्धावस्था पेंशन के लिए बुजुर्गों को अब भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार उन्हें घर बैठे पेंशन मुहैया कराएगी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में 20 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रिफॉर्म, परफार्म एंड ट्रांसफोर्म के सिद्धांत पर चलते हुए यह निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य इसके माध्यम से प्रदेश के हर एक पात्र वृद्ध को पेंशन योजना का लाभ देने का है। इससे राज्य के सवा आठ लाख सो अधिक बुजुर्गों को लाभ मिलेगा और सरकार योजना पर 990 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय वहन करेगी।
बैठक में कहा गया कि एक परिवार एक पहचान, योजना के तहत हर परिवार के 60 साल के बुजुर्ग का डाटा सरकार के पास होगा। इसी डाटा के आधार पर वृद्धावस्था पेंशन दी जाएगी। अब फैमिली आइडी पर उपलब्ध विवरण से समाज कल्याण विभाग खुद ही पात्र बुजुर्गों की पहचान करेगा और जिस माह वे 60 वर्ष की आयु पूर्ण करेंगे, उसी माह से उनकी वृद्धावस्था पेंशन स्वत: शुरू हो जाएगा।
अब राज्य में बिना फॉर्म भरे ही वृद्धावस्था पेंशन मिल सकेगी। यह पेंशन हर परिवार में 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को दी जाएगी। यह प्रणाली 60 वर्ष की आयु के करीब पहुंच रहे व्यक्तियों को डिजिटल रूप से ट्रैक करेगी और एसएमएस, व्हाट्सएप या फोन कॉल के माध्यम से सहमति प्रक्रिया शुरू करेगी। जहां डिजिटल सहमति प्राप्त नहीं होती है, वहां अधिकारी या स्थानीय सहायक लाभार्थियों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करेंगे।
Kanun Ki Phatkar Hindi News & Magazine