पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :
बिहार विधानसभा चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है,ये खबर बिहार के समस्तीपुर से है जहां हजारों वीवीपैट पर्चियां कूड़े में फेंकी हुई पाई गईं। यह मामला सरायरंजन विधानसभा के शितलपट्टी गांव के पास का है। चुनाव आयोग ने इस पर बड़ा एक्शन लिया है।
आपको बता दें पहले चरण के तहत 6 नवंबर को सरायरंजन विधानसभा सीट पर मतदान हुआ था, लेकिन 8 नवंबर की सुबह शितलपट्टी गांव में वीवीपैट से निकली हजारों पर्चियां कूड़े में फेंकी हुई मिलीं। सरायरंजन विधानसभा सीट पर 6 नवंबर को ही मतदान हो चुका है। ऐसे में वीवीपैट की पर्चियां मिलने से बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। शनिवार सुबह शीतलपट्टी गांव में वीवीपैट की पर्चियां मिलने से हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे DM ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। वीवीपैट की पर्ची फेंकी मिलने के बाद हजारों की संख्या में लोग जुट गये और जमकर बवाल करने लगे।
सूचना मिलते ही जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम रोशन कुशवाहा, एसपी अरविंद प्रताप सिंह, एसडीओ दिलीप कुमार, एएसपी संजय कुमार पांडेय समेत अन्य पदाधिकारी व भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे। डीएम को जांच करवाकर कार्रवाई का आदेश दिया है। अधिकारियों ने सभी पर्चियों को कलेक्ट कर लिया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। संबंधित एआरओ को सस्पेंड कर दिया गया है। उनपर एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। दो अन्य कर्मियों पर भी लापरवाही के आरोप में कार्रवाई की जा रही है।
वहीं मामले ने तूल पकड़ना शुरू किया, तो राजद ने भी सरकार पर निशाना साधा है। राष्ट्रीय जनता दल ने एक्स हेंडल पर पोस्ट किया कि- “समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के KSR कॉलेज के पास सड़क पर भारी संख्या में EVM से निकलने वाली VVPAT पर्चियां फेंकी हुई मिली। कब, कैसे, क्यों किसके इशारे पर इन पर्चियों को फेंका गया? क्या चोर आयोग इसका जवाब देगा? क्या यह सब बाहर से आकर बिहार में डेरा डाले लोकतंत्र के डकैत के निर्देश पर हो रहा है।
फिलहाल प्रशासन जांच में जुटा है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में वीवीपैट पर्चियां कूड़े में कैसे पहुंचीं। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को हो चुका है।जबकि दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होना है। मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।
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