पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक
यूपी में पात्र मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण- एसआईआर कार्य जोरो शोरो से चल रही है। इसका उद्देश्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की पात्रता तिथि एक जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।
बूथ स्तर के अधिकारी, बीएलओ पर्यवेक्षक, चुनाव अधिकारी, राजनीतिक पार्टियों द्वारा नियुक्त बूथ स्तर के एजेंट और कार्यकर्ता गहन पुनरीक्षण के लिए जम़ीनी स्तर पर कार्य कर रहे हैं। इस दौरान मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, सुधार करवाने या किसी नाम को हटाने के लिए आवेदन किया जा सकेगा।
जानकारी के अनुसार चार नवंबर से चार दिसंबर तक गणना प्रपत्र घर-घर वितरित किए जाएंगे। स्वयं का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में न होने की स्थिति में अपने संबंधी का नाम यदि उसमें है तो उसका विवरण भी स्वयं या फिर बीएलओ की सहायता से गणना प्रपत्र पर भरा जा सकता है। दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि नौ दिसंबर से आठ जनवरी तक रखी गई है। इस दौरान मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, सुधार करवाने या किसी नाम को हटाने के लिए आवेदन किया जा सकेगा।
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत, 1 जनवरी 2026 को पात्रता तिथि निर्धारित की गई है। मतदाता निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर 2003 की मतदाता सूची में अपना नाम देख सकते हैं। मतदाता भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल (http://voters.eci.gov.in) या फिर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पोर्टल (https://ceouttarpradesh.nic.in) पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची में आप अपना नाम देख सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान मतदाताओं को सही और अद्यतन सूची उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साफ-सुथरी मतदाता सूची बन जाने से चुनाव में मतदान प्रतिशत भी बढ़ेगा।
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