Friday , April 17 2026

एक हजार से अधिक हिंदुओं का धर्मांतरण कराके बनाया गया ईसाई

पूनम शुक्ला: मुख्य प्रबंध संपादक:

यूपी की राजधानी लखनऊ में करीब तीन दशक से कई इलाकों में तेजी से धर्मांतरण हो रहे है। धर्मांतरण का जाल लगातार फैलता जा रहा है। लोगों को लालच देकर धर्म बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। मोहनलालगंज, नगराम और निगोहां के साथ ही गोसाईंगंज का कुछ इलाका धर्मांतरण के गढ़ बन गए। यहां एक हजार से अधिक हिंदुओं का धर्मांतरण कराके ईसाई बना दिया गया।

जानकारी के अनुसार 80 और 90 के दशक में सिर्फ एक चर्च मोहनलालगंज में था,लेकिन अब ग्रामीण इलाकों से लेकर कस्बे में घरों के अंदर और खेत-खलिहानों में 100 से अधिक प्रार्थना सभा स्थल बन चुके हैं । ईसाई बनाने के नाम पर लोगों को हर महीने वेतन, घर, कपड़े और राशन का लालच दिया जा रहा है।

गिरोह के जुड़े तमाम अन्य लोगों ने गरीब और दलित वर्ग के एक हजार से अधिक ग्रामीणों का आर्थिक मदद देने, राशन और गठिया, सांस, कैंसर, किडनी समेत अन्य गंभीर बीमारियां दूर करने का झांसा देकर धर्मांतरण करा डाला। सबसे पहले तो यीशु दरबार लगाया जाता है। इसमें भोले भाले लोगों को पढ़ाई, नौकरी, घरेलू कलह और बीमारी से बचाने का झांसा देकर बुलाया जाता है। फिर उनका धर्म परिवर्तन कराते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि हिंदुओं को पैसे का लालच देकर बुलाते हैं और धर्मांतरण करा देते हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक प्रार्थना सभा स्थल पर प्रत्येक रविवार को लोग आते हैं। 15 दिन में एक बार बड़े स्तर पर चंगाई सभा होती है। इसमें प्रोजेक्टर पर यीशु से संबंधित फिल्म दिखाकर लोगों को फंसाते हैं। फिर धर्मांतरण करा दिया जाता है।

यही नहीं,मोहनलालगंज स्थित एक अस्पताल में लोगों का निशुल्क इलाज कराया जाता है। जिससे एससी वर्ग को भरोसा और अधिक बढ़ जाता है, आर्थिक स्थिति कमजोर रहते वे ईसाई बन जाते हैं। बीते दो दशक में पांच सौ से अधिक एससी वर्ग के हिंदू ईसाई बन गए हैं। इतना ही नहीं मोहनलालगंज कस्बे और क्षेत्र में कई शिक्षण संस्थान भी ईसाई समाज के हैं। यहां पढ़ने के लिए आने वाले हिंदू लड़कों को कलावा बांधना, टीका लगाना प्रतिबंधित है।

गिरोह के लोग हिंदू ग्रामीण महिलाओं को बुलाते हैं, प्रार्थना सभाएं कर महिलाओं के माथे से बिंदी, सिंदूर और गले से मंगलसूत्र हटा देते हैं। इसकी जगह उनके गले में क्रॉस लटका देते हैं। यह माफिया लोग उन लोगों को ज्यादा टारगेट बनाते हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं। उन्हें घर बनाने के लिए पैसा देने का भी लालच दिया जाता है साथ ही साथ पूरे घर को ही अपने जाल में फंसा लेते हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit exceeded. Please complete the captcha once again.

E-Magazine