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उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद भी रिहा नहीं हो सके सपा नेता आजम खां

पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :

सपा नेता और पूर्व मंत्री आजम खां को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बृहस्पतिवार को बड़ी राहत मिली। रामपुर के चर्चित क्वालिटी बार पर कब्जा के मामले में दर्ज मुकदमे की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आजम खां की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन ने दिया है। मामले में 21 अगस्त को फैसला सुरक्षित रखा गया था।

अधिवक्ता इमरानउल्लाह पक्ष रखते हुए कहा कि याची को इस मामले में राजनीतिक रंजिश के कारण फंसाया गया है। इसके साथ ही आजम को लगभग सभी मुकदमों में जमानत मिल गई है। अब वह जल्द बाहर आ सकते हैं।  बृहस्पतिवार को आजम खां को सशर्त जमानत दे दी।

हालांकि, राहत की इस खबर के साथ ही उसी दिन आजम खान को एक बड़ा झटका भी लगा। यूपी के सीतापुर जिला कारागार में बंद सपा नेता आजम खां को उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद भी वह रिहा नहीं हो पाए। शुक्रवार को उनकी रिहाई के कयास लगाए जाते रहे। बाद में रिहाई न होने  की एक खास वजह सामने आई। 

बताते चलें कि रामपुर के चर्चित क्वालिटी बार पर कब्जा करने के मामले में आजम खां की जमानत अर्जी गुरुवार को मंजूर कर ली गई थी। यह मुकदमा 2021 में राजस्व निरीक्षक की तरफ से दर्ज कराया गया था। इसके बाद रामपुर में दर्ज शत्रु संपत्ति के एक मामले में विवेचना के दौरान धाराओं को बढ़ा दिया गया। अब इस मामले में आजम खा को अपनी जमानत करानी पड़ेगी। ऐसे में उनकी रिहाई फिर से अटक गई है। मामले में 20 सितंबर को आजम खां की रामपुर के एमपी- एमएलए कोर्ट में पेशी भी है। 

इस मामले में पुलिस ने पहले चेयरमैन सैयद जफर अली जाफरी, आजम खान की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को नामजद किया था। बाद में विवेचना के दौरान सपा नेता आजम खान को भी आरोपी बनाया गया है।

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