पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने श्रावस्ती जिले में सील किए गए 30 मदरसों को तुरंत खोलने का बीते बृहस्पतिवार को आदेश दिया है। मदरसों को दोबारा खोलने का आदेश दिया है। यह फैसला जस्टिस पंकज भाटिया की सिंगल बेंच ने सुनाया है।
यह आदेश उन मदरसों की याचिका पर आया, जिन्हें प्रशासन ने बिना जवाब देने का मौका दिए बंद करने का नोटिस जारी कर दिया था। प्रशासन ने जल्दबाजी में एक ही नोटिस जारी कर सभी 30 मदरसों को बंद करने का आदेश दे दिया था।
याचिकाकर्ताओं ने इसे मनमानी कार्रवाई बताते हुए, इसके खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि प्रशासन ने जल्दबाजी में यह कार्रवाई की और एक ही नोटिस से सभी 30 मदरसों को बंद करने का आदेश दे दिया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि प्रशासन ने जल्दबाजी में यह कार्रवाई की और एक ही नोटिस से सभी 30 मदरसों को बंद करने का आदेश दे दिया। मदरसों के मालिकान की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि मदरसा संचालकों को अपना जवाब देने का पर्याप्त समय नहीं दिया गया।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए यह साफ कर दिया कि संबंधित अधिकारियों को यह भी छूट दी है कि वे कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए नए आदेश पारित कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि अधिकारी मदरसा संचालकों को सुनवाई का मौका देकर और तय प्रक्रिया का पालन करते हुए इस मामले में नए आदेश पारित कर सकते हैं।
वहीं जिला प्रशासन ने मदरसों की पुनः जांच के लिए 44 टीमें गठित की हैं। ये टीमें कुल 38 बिंदुओं पर जांच करेंगी। इनमें मदरसों की मान्यता, भूमि, भवन की मजबूती और छात्रों की संख्या शामिल है। साथ ही शिक्षण सामग्री, वित्तीय संसाधन और प्रबंधन समिति की भी जांच होगी।
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