पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद के विकास खंड छानबे में गंगा की भयंकर बाढ़ ने दर्जनों गांवों की फसलों को जलमग्न कर दिया है। इससे क्षेत्र के किसान चिंतित हैं। अकोढी, बिरोही, देवरी, रामपुर, भटेवरा, गैपुरा, गौडसर, सरपती, गोड सर पांडे, खमरिया, बिरौरा, रायपुरी, नीबी, नंदिनी, सुपंथा, बबुरा और तिलाई सहित दर्जनों गांवों के हजारों किसानों की कई हजार बीघा फसल जलमग्न हो गई है।
मिर्जापुर जिले के लगभग 350 गांव बाढ़ की चपेट में हैं. सदर तहसील का तिलठी गांव भी उन्हीं गांवों में शामिल है, जहां बाढ़ ने लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी है. गांव का संपर्क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो चुका है, जिससे आना-जाना मुश्किल हो गया है। हजारों बीघे में धान, ज्वार, बाजरा, अरहर के साथ-साथ हजारों बीघे मूंगफली भी पानी में डूब गई है। गंगा में बाढ़ का रौद्र रूप अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन जो फसल डूब चुकी है, उसमें से एक तिनका भी अब किसानों को नहीं मिलेगा।
किसानों ने बताया कि इंसान तो कहीं से कुछ खरीदकर अपना जीवन यापन कर लेगा, लेकिन पशुओं के लिए बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है।
यहां के कई परिवार ऐसे हैं, जो घर में कमर तक पानी भर जाने के कारण अपना घर छोड़ चुके हैं।बिजली के न आने से फोन चार्जिंग की भी दिक्कतआ रही है,कोई किसी से मदद लेना चाहे तो एक दूसरे से काफी दूरी पर होते है। लोगों को इस गांव एक और डर सबसे ज्यादा सता रहा है जो डर जंगली जानवरों से है। सुअर, सियार और जहरीले सांप अब गांव में दिखाई देने लगे हैं। परिवार की सुरक्षा के लिए ग्रामीण रातभर लाठी लेकर जागते हैं।
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