यूपी की राजधानी लखनऊ में एक दारोगा की मौत के बाद शव लेने के लिए उसकी दो पत्नियां आपस में हुई भिड़ंत,दोनों के बीच जमकर शुरू हुआ हंगामा।
लखनऊ में एक दारोगा की मौत के बाद शव लेने के लिए उसकी दो पत्नियां आपस में भिड़ गईं। दोनों के बीच जमकर हंगामा हुआ, बात इतनी बढ़ गई कि नौबत मारपीट तक पहुंच गई। मौके पर पहुंची गुडंबा थाने की पुलिस ने किसी तरह विवाद शांत कराया। आखिर में शव को दारोगा के पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, दारोगा संजय पाठक ने दो शादियां की थीं। वह उरई में पोस्टेड थे और दूसरी पत्नी के साथ लखनऊ में रह रहे थे। पहली पत्नी उनके गृह जिले जौनपुर में ही रहती थी। उससे उन्हें तीन बेटियां और एक बेटा है।
पहली पत्नी ने दारोगा पति की मौत को संदिग्ध माना और परिवार समेत लखनऊ पहुंच गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव लेने की बारी आई तो दूसरी पत्नी और पहली पत्नी में खींचतान शुरू हो गई। एक तरफ पहली पत्नी शव उन्हें सौंपने की मांग करने लगी। दूसरी तरफ दूसरी पत्नी भी शव पर हक जताने लगी। दोनों महिलाएं दारोगा के शव को लेकर आपस में भिड़ गईं। पुलिस मौके पर आई और बीच बचाव कर शव मृतक के पिता पिता को सौंप दिया,पिता शव लेकर जौनपुर के लिए निकल गए।उन्होंने ही दारोगा का अंतिम संस्कार किया।
वहीं, पहली पत्नी के बेटे ने आरोप लगाया कि पिता ने उनकी मां को तलाक दिए बिना दूसरी शादी की थी। उसने दावा किया कि सौतेली मां ने संपत्ति के लालच में पिता को स्लो प्वाइजन देकर मार डाला। जबकि, आराधना का कहना है कि संजय की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है। 2016 में दारोगा की दूसरी शादी से हुई थी। दूसरी पत्नी के दो बेटे हैं।
पुलिस के अनुसार सोमवार रात दारोगा की अचानक तबीयत खराब हो गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दारोगा संजय पाठक की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका । डॉक्टरों ने विसरा जांच के लिए नमूने सुरक्षित रख लिए हैं। मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया गया, जांच-पड़ताल की जा रही है।
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