पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक
लखनऊ में रहने वाले एक रिटायर्ड डाककर्मी को साइबर ठग ने एटीएस अधिकारी बनकर व्हाट्सएप कॉल पर धमकाया और ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर ₹5 लाख ऐंठ लिए।
उत्तर प्रदेश में लखनऊ के सरोजनीनगर में रहने वाले 60 साल के रिटायर्ड डाककर्मी दिवाकर प्रकाश जायसवाल को साइबर ठग ने अपना शिकार बनाया । ठग ने कहा कि उनसे पूछताछ की जाएगी और जेल नहीं जाना पड़ेगा, गिरफ्तारी से बचना है तो ₹5 लाख देने होंगे।
जानकारीं के अनुसार,पूछताछ के बहाने दिवाकर को दो घंटे तक वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा गया। इस दौरान ठग ने लगातार दबाव और मानसिक प्रताड़ना दी, जिससे दिवाकर टूट गए। और ऐसा कदम उठा लिए जिससे कि अब पझताना पड़ गया।
मामला रिटायर्ड डाककर्मी 60 वर्षीय सरोजनीनगर के एलडीए कॉलोनी निवासी दिवाकर प्रकाश जायसवाल का है। 13 जुलाई को दोपहर 12 बजे उनके पास अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। उस व्यक्ति ने कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस अधिकारी बताया,और उसने दिवाकर से कहा वह आतंकी संगठन से जुड़े हुए हैं और उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।दिवाकर घबरा गए और ठग से मिन्नत करने लगे। दिवाकर ने डर के कारण उसके भेजे गए खाते में पांच लाख भेज दिए। ठग के खाते में ₹5 लाख ट्रांसफर करने के बाद रकम मिलते ही ठग ने कॉल काट दी और संपर्क तोड़ दिया।
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