पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक
शुक्रवार को हजरतगंज जैसे पाश इलाके में प्रत्याशित और दुस्साहसिक वारदात हुई।
लखनऊ में सीबीआई के एएसआई पर धनुष-बाण से हमला
किया गया। ASI वीरेंद्र सिंह सीबीआई दफ्तर के गेट पर खड़े थे। तभी एक व्यक्ति ने धनुष पर बाण चढ़ाकर उन्हें अपना निशाना बना डाला । बाण उनके सीने में लगा और वह घायल होकर गिर गए। गोली मारने, चाकू से वार करने और बम फेंकने की घटनाएं तो प्राय: होती हैं,लेकिन ये कुछ अलग घटना सामने आ रही है।
पुलिस बाण चलाने वाले को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पूछताछ में पता चला है कि दिनेश मुर्मू बिहार में रेलवे में नौकरी करता था लेकिन साल 2000 में अपने आक्रामक रवैया और गुस्से की वजह से रेलवे से बर्खास्त कर दिया गया था।बताया जाता है कि बिहार के 50 वर्षीय दिनेश मुर्मू ने एएसआई के टोकने पर तीर से हमला किया. वह मानसिक रोगी प्रतीत हो रहा है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।वह पहले भी एक पुलिसकर्मी पर बाण से हमला कर चुका है जिसमें उसे चार साल की सजा हो चुकी है।
घटना शुक्रवार सुबह करीब 11.15 बजे की हजरतगंज नवल किशोर रोड पर सीबीआई दफ्तर की है। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। एएसआई को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही सीबीआई और पुलिस के अफसर मौके पर पहुंचे।
घायल एएसआइ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वह नवल किशोर रोड स्थित सीबीआइ ऑफिस में शुक्रवार सुबह गेट पर ड्यूटी कर रहे थे। सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे ASI वीरेंद्र सिंह को घायल अवस्था में लाया गया। उनके सीने के बाई तरफ 5 सेमी का गहरा घाव हुआ है। डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें रखा गया है। उनकी स्थिति खतरे से बाहर है।
बताया जा रहा कि यह हमला 1993 के एक रेलवे ट्रैप मामले से जुड़ा हो सकता है। उस समय CBI ने रेलवे में भ्रष्टाचार के एक मामले में मुकदमा दर्ज किया था। जिसके चलते आरोपियों को रेलवे से बर्खास्त कर दिया गया था। उस मामले में ASI वीरेंद्र सिंह जांच कर रहे थे। बिहार के मुंगेर के खड़कपुर निवासी 45 साल के दिनेश मुर्मू ने पेड़ की आड़ में दरोगा पर बाण चलाया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
Kanun Ki Phatkar Hindi News & Magazine