पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कीरू जलविद्युत परियोजना के लिए 2,200 करोड़ रुपये के कार्यों के ठेके में कथित भ्रष्टाचार के मामले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक और पांच अन्य के खिलाफ गुरुवार को आरोपपत्र दायर किया है। बता दें कि यह मामला किरु हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट में 2,200 करोड़ रुपये के सिविल कार्यों के ठेके में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है सीबीआई ने अप्रैल 2022 जम्मू-कश्मीर सरकार के अनुरोध पर मामला दर्ज किया था।
2024 में सीबीआई ने दिल्ली और जम्मू में 8 स्थानों पर तलाशी ली थी। किरू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट जम्मू कश्मीर में चिनाब नदी पर स्थित एक रन-ऑफ-द-रिवर पनबिजली प्रोजक्ट है ।किरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट भारत की सबसे महंगी पनबिजली परियोजनाओं में से एक है।
सीबीआई ने तीन साल की जांच के बाद एक विशेष अदालत के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश की है। सीबीआई के अनुसार सीवीपीपीपीएल (CVPPPL) की 47वीं बोर्ड बैठक में रिवर्स नीलामी के साथ ई-टेंडरिंग के जरिए दोबारा टेंडर करने का फैसला लिया गया था, लेकिन चल रही टेंडरिंग प्रक्रिया को रद्द करने के बाद इसे लागू नहीं किया गया और 47वीं बोर्ड बैठक के फैसले को 48वीं बोर्ड बैठक में पलट दिया गया।
मलिक अगस्त 2018 से अक्तूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें प्रोजेक्ट से संबंधित फाइलें मंजूर करने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी. इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है. सीबीआई ने उनके खिलाफ आज ट्रायल कोर्ट में अपनी चार्जशीट पेश की। इस केस में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मलिक ने एक्स पर लिखा कि वह अस्पातल में भर्ती हैं । उन्हें कई शुभचिंतकों के फोन आ रहे हैं, जिनका वह जवाब नहीं दे पा रहे हैं वो किसी से बात करने की स्थिति में नहीं हैं।
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