प्रिंस तिवारी:ब्यूरोचीफ:जयपुर(राजस्थान)
इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन(इसरो) देहरादून के नोडल सेंटर “महात्मा गाँधी पी.जी. कॉलेज”, श्रीमाधोपुर में इसरो द्वारा आयोजित आउटरीच प्रोग्राम के तहत पांच दिवसीय कार्यक्रम आपदा जोखिम न्यूनीकरण में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग में विद्यार्थी ने नोडल केंद्र पर ऑनलाइन अध्ययन करने के पश्चात ऑनलाइन परीक्षा देखकर सर्टिफिकेट परीक्षा उत्तीर्ण की। उक्त कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर प्राचार्य डॉ वीरेंद्र कुमार सैनी ने बताया कुल 20 विद्यार्थियों को इसरो द्वारा जारी सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया व विधार्थियो के उज्जवल भविष्य की कामना की।
भविष्य में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम नोडल केंद्र पर आयोजित होते रहेंगे। यह कोर्स उन लोगों के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो रिमोट सेंसिंग क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। भारतीय रिमोट सेंसिंग संस्थान (आईआईआरएस) देहरादून की द्वारा संचालित किया जाता है। आईआईआरएस की तरफ से शुरू किए गए कोर्स को रिमोट सेंसिंग के फील्ड में प्रैक्टिकल जानकारी देने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। इसमें मैपिंग, मॉनिटरिंग, लैंडस्लाइड आदि शामिल हैं। विधार्थियो कोई महाविद्यालय परिसर में ही ई-क्लास प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्टडी मैटेरियल मुहैया कराया जाएगा।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने रिमोट सेंसिंग में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए महात्मा गाँधी को नोडल केंद्र बनाया गया है। आवेदन पत्र महाविद्यालय कार्यालय में प्रातः नौ बजे से सायं तीन बजे तक प्राप्त कर सकते है। अलग अलग कोर्स के लिए कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर सकते है। उम्मीदवारों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद ऑनलाइन क्लास लगेगी। कोर्स करने के बाद सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।
नोडल सेंटर्स के जरिए रजिस्ट्रेशन करने और पास होने वाले विद्यार्थियों को ही प्रमाण-पत्र मिलेगा। कक्षाएं ऑनलाइन होगी। कोर्स समाप्ति के बाद ऑनलाइन परीक्षा आयोजित होगी। सर्टिफिकेट कोर्स महाविद्यालय में अध्ययनरत नियमित विद्यार्थियों के लिए निशुल्क है।
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