पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :
दिल्ली में ब्लास्ट के बाद सहारनपुर में एटीएस और एसटीएफ ने डॉक्टर आदिल से जुड़े तीन संदिग्धों को उठाया है। जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जो उनसे मिलने आते थे। डॉ. आदिल की गिरफ्तारी के बाद जांच में जैसे-जैसे एटीएस की जांच आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। नए खुलासे सामने आ रहे हैं। डॉक्टर के वेश में आदिल कितने खतरनाक मंसूबे पाल रहा था, इसकी भनक किसी को नहीं थी। खुफिया एजेंसियां डॉक्टर आदिल के करीबियों से पूछताछ कर रही हैं।
पुलिस डॉक्टर बाबर, डॉक्टर असलम जैदी और अन्य से भी पूछताछ कर रही है और उनके इंटरनेट अकाउंट खंगाले जा रहे हैं। 7 नवंबर को उसकी गिरफ्तारी के बाद से पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आदिल पश्चिमी यूपी के कई डॉक्टरों के संपर्क में था, जिनमें से कुछ जम्मू-कश्मीर के मूल निवासी हैं। एजेंसियां अब इन सभी संपर्कों की गहन पड़ताल कर रही हैं। लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद फरीदाबाद में विस्फोटक पदार्थ और हथियारों का जखीरा मिलने के बाद
अब एजेंसियों को शक है कि क्या आदिल पश्चिमी यूपी में बड़ा आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की तैयारी में था। शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
अनंतनाग का रहने वाला डॉ. आदिल उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में अंबाला रोड स्थित फेमस मेडिकेयर अस्पताल में कार्यरत था। सहारनपुर के फेमस अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर आदिल की शादी और मां की बीमारी को लेकर उसके साथियों ने बताया कि किसी को अंदाजा नहीं था कि वह आतंकी गतिविधियों से जुड़ा है। सहारनपुर को पश्चिमी यूपी का सबसे संवेदनशील जिला माना जाता है। यहां एयरफोर्स स्टेशन, एयरपोर्ट, रिमाउंट डिपो और दारुल उलूम जैसे संस्थान हैं। यही कारण माना जा रहा है कि अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज की नौकरी छोड़कर आदिल ने यहां काम करना शुरू किया और गुप्त रूप से अपना नेटवर्क बढ़ाने की कोशिश की।
फेमस अस्पताल से एहतियातन छुट्टी पर भेजे गए डॉ आदिल के साथी डॉ. बाबर और एडमिन इंचार्ज डॉ. असलम जैदी ने बुधवार को अपनी ड्यूटी फिर से ज्वाइन कर ली। डॉ. बाबर ने कहा, ‘हम डॉक्टर की शादी में गए थे लेकिन ये नहीं जानते थे कि वह आतंकी नेटवर्क से जुड़ा निकलेगा। चार नवंबर को शादी का निमंत्रण मिला था और हम दो दिन पहले घूमने निकले थे। हमारे उससे केवल पेशेवर रिश्ते ही थे। एटीएस अब उसके संपर्कों की जांच कर रही है। सभी थाना प्रभारियों को गश्त बढ़ाने के लिए निर्देश भी जारी किए गए है।
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