पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :
आज सदन मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की प्रतीक्षा हो रही थी। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रियंका गांधी वाड्रा बोल चुकी थीं कि अगर उनके सदस्यों को नहीं बोलने दिया जाएगा तो विपक्ष सरकार के सदस्यों को भी नहीं बोलने देगा। लोकसभा में हंगामे और विरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब टल गया। वे अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर क्या कहते हैं? चीन को लेकर राहुल गांधी के आरोपों का क्या जवाब देते हैं?
दरअसल,जोरदार हंगामे के चलते पीठासीन सभापति को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। भाजपा ने इसे पूर्व नियोजित कदम बताया। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित संबोधन हंगामे के कारण टाल दिया गया। दिनभर चले विरोध, नारेबाजी और बार-बार स्थगन के बाद शाम को जब कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तब हालात और बिगड़ गए।अचानक आसन पर विराजमान संध्या राय ने सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद कार्यवाही स्थगित कर दी गई। दरअसल, सरकारी सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी संबोधन के लिए सदन में आने वाले थे लेकिन इससे पहले विपक्षी सांसदों ने निशिकांत दुबे के बयान के मुद्दे पर ज़बर्दस्त घेराबंदी कर ली थी। वे जनरल नरवणे की किताब का एक बड़ा बैनर लेकर पहुंच गए थे।
संबोधन टालने पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि यह विरोध पहले से तय योजना के तहत किया गया था। विपक्ष की कुछ महिला सांसद ट्रेजरी बेंच की सीटों के पास पहुंच गईं। इनमें वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि शामिल थीं। उन्होंने ‘डू व्हॉट इज राइट’ लिखा बड़ा बैनर पकड़ रखा था। महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री की सीट के आसपास खड़े होकर विरोध जताया। उनका दावा है कि महिला सांसद प्रधानमंत्री की सीट के आसपास घेराव जैसी स्थिति बना रही थीं।
वहीं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा कर कहा कि जैसा उन्होंने पहले कहा था, पीएम सदन में नहीं आएंगे क्योंकि वे सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते।
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