पूनम शुक्ला: मुख्य प्रबंध संपादक :
बाराबंकी में बेकाबू अर्टिगा कार और ट्रक की आमने-सामने टक्कर में 8 लोगों की मौत हो गई। इनमें एक ज्वेलर, उनकी पत्नी और 2 बेटों के अलावा ड्राइवर और 3 अन्य लोग शामिल हैं। शवों को देखकर मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई।
सोमवार देर रात फतेहपुर-देवा मार्ग पर ऐसा सड़क हादसा हुआ कि देखने वालों की रूह कांप गई। यह हादसा सोमवार देर रात देवा में कुतलूपुर गांव के पास हुआ था जब कार सवार बिठूर से गंगा स्नान करके लौट रहे थे। कल्याणी नदी पुल के पास तेज रफ्तार ट्रक और बिना नंबर की नई अर्टिगा कार में जबरदस्त भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार छह लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो घायलों ने रात में ट्रामा सेंटर में दम तोड़ दिया।हादसा इतना भयानक था कि 14 फीट की कार सिमटकर 7 फीट की हो गई। गाड़ी में आगे बैठे लोगों के शव सीट से चिपक गए। अगले हिस्से को काटकर शवों के टुकड़ों को निकाला गया।
दोपहर 3 बजे ज्वेलर परिवार के चारों शव पोस्टमॉर्टम हाउस से फतेहपुर कस्बे के मोहल्ला मुंशी गंज लाए गए। परिवार में चीख पुकार के साथ महिलाएं रोते-रोते बेसुध हो गईं। थोड़ी देर बाद शवों को श्मशान घाट ले जाया गया, जहां चारों की बराबर में चिताएं बनाई गईं। भतीजे ने चारों को मुखाग्नि दी।
मौके पर मरने वालों में प्रदीप रस्तोगी (60), उनकी पत्नी माधुरी (55), दो बेटे नितिन (35) और नैमिष उर्फ कृष्णा (15), ड्राइवर श्रीकांत शुक्ला (50) और बालाजी मिश्रा (55) शामिल हैं। 2 घायलों इंद्र कुमार (50) और विष्णु (15) को लखनऊ लाया गया था, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उन दोनों की भी मौत हो गई। प्रदीप फतेहपुर कस्बे के मोहल्ला मुंशीगंज में ‘गौरी ज्वेलर्स’ के नाम से दुकान चलाते थे।प्रदीप 3 भाइयों में सबसे बड़े थे प्रदीप रस्तोगी तीन भाइयों में बड़े थे।
हादसे के बाद उनके परिवार में कोई नहीं बचा है।इस तरह कार सवार कोई भी जीवित नहीं बचा है। घटना की खबर फैलते ही डीएम, एसपी मौके पर पहुंचे, कई थानों की पुलिस बुलाई गई। वहीं सूचना पाकर पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों रिश्तेदारों व परिचितों की भीड़ लग गई।
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