पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक
उत्तराखंड के 3000 गांव खतरे की जद में है। हिमालयी क्षेत्र में दस वर्ष में बादल फटने और अतिवृष्टि की 57 घटनाएं हुई हैं।
हालही में उत्तरकाशी के धराली में बादले फटने से भारी तबाही देखने को मिली है,बता दें कि धराली गंगोत्री धाम का प्रमुख पड़ाव है। नदी का विनाशकारी सैलाब बेहद तेज गति से आगे बढ़ा। इसके रास्ते में जो भी मिला ध्वस्त होता, तिनके की तरह बहता और मलबे में समाता चला गया। कुछ लोगों की मौत हो चुकी है, कई लापता बताए जा रहे हैं। इस समय उत्तराखंड के धराली में हालात बेकाबू हो चुके हैं, प्रशासन में हड़कंप है।
उत्तरकाशी पुलिस ने कहा कि बादल फटने के बाद हर्षिल इलाके में खीर गढ़ नदी में आए सैलाब के कारण धराली में भारी नुकसान हुआ है। मौके पर रेस्क्यू टीम पहुंच चुकी हैं, पुलिस, एसडीआरएफ, सेना और अन्य टीमें घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। लेकिन हर तरफ तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर इस घटना के कई वीडियो भी वायरल हो चुके हैं। उन वीडियो में पानी का ऊफान, मलबा सब दिखाई दे रहा है।
उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना पर कमिश्नर गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे ने कहा, “ताज़ा जानकारी के अनुसार काफ़ी संपत्ति का नुकसान हुआ है और हताहतों के बारे में अभी कुछ कहना संभव नहीं है। हमारी सेना की टीम मौके पर पहुंच गई है। इसके साथ ही ज़िलाधिकारी, एसएसपी भी वहां पहुंचने वाले हैं। एनडीआरएफ़, एसडीआरएफ़ को भी वहां भेजा गया है। पहली प्राथमिकता लोगों को बचाना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम सक्रिय कर दी गई है। इन सब चीज़ों का इंतज़ाम किया जा रहा है।
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