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ताइवान की पार्लियामेंट में 20 फीसदी सांसद चीन के समर्थक

पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक

ताइवान में चीन समर्थक दल के सांसदों को सदन से बेदखल करने के मुद्दे पर मतदान!ताइवान में ‘चीन समर्थक’ सांसदों को निशाना 

ताइवान की पार्लियामेंट में 20 फीसदी सांसद चीन के समर्थक हैं। मगर अब यह ताइवान की जनता को बर्दाश्त नहीं है। लिहाजा शनिवार को ताइवान एक महत्वपूर्ण जनमत संग्रह के तहत मतदान हो रहा है, जिसमें यह तय किया जा रहा है कि क्या संसद के उन 24 सांसदों को हटाया जाए जो चीन समर्थक माने जाते हैं। समर्थकों को उम्मीद है कि इस कदम से चीन को एक संदेश जाएगा, जबकि विरोधियों का कहना है कि यह लोकतंत्र पर हमला है।

ताइवान के मतदाता आज इस बात पर मतदान कर रहे हैं कि क्या द्वीप की संसद के पाँचवें हिस्से को वापस बुलाया जाए, जो सभी प्रमुख विपक्षी दल के हैं। यह ऐसे समय में हो रहा है जब चीन ताइवान पर सैन्य और कूटनीतिक दबाव बढ़ा रहा है।

26 जुलाई ताइवान के मतदाता शनिवार को यह तय करने के लिए मतदान कर रहे हैं कि संसद के 20 प्रतिशत चीन समर्थक सांसदों की सदस्यता वापस ली जानी चाहिए या नहीं। ये सभी सांसद विपक्षी नेशनलिस्ट पार्टी के हैं। जनमत संग्रह कराने का यह कदम सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) के समर्थकों द्वारा उठाया गया है, जो ताइवान की स्वतंत्रता की पक्षधर है।

ताइवान सरकार ने कहा है कि द्वीप के अब तक के सबसे बड़े वापसी मतदान में चीन द्वारा अभूतपूर्व चुनावी हस्तक्षेप का सामना करना पड़ा है, जो ताइवान की अस्वीकृति के कारण लोकतांत्रिक रूप से शासित द्वीप पर अपना दावा करता है।

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