Tuesday , March 24 2026

एक ही परिवार के तीन लोगों आत्महत्या ने लिया रहस्यमय मोड़।

पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :

लखनऊ के बंथरा इलाके से एक दर्दनाक घटना सामने आई है।कर्ज के दबाव और कथित बैंक कर्मचारियों की बेइज्जती से परेशान होकर एक दंपती और उनके बेटे ने आत्महत्या कर ली। एक ही परिवार के तीन लोगों द्वारा कथित आत्महत्या किए जाने का मामला अब रहस्यमय मोड़ ले चुका है।

इस केस में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। लोगों का कहना की यह आत्महत्या नहीं, बल्कि मजबूरी में उठाया गया आखिरी कदम है। इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन अब सामने आ रही परिस्थितियां इस घटना को संदिग्ध बना रही हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


यह घटना लखनऊ के बंथरा इलाके में मौजूद नीवां गांव की है। स्थानीय लोगों की सूचना पर उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तारावती और उनके बेटे संदीप (30) को मृत घोषित कर दिया। वहीं रूपनारायण को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी स्थिति नाजुक होने के चलते रविवार रात उन्होंने भी दम तोड़ दिया। जहां एक ही घर से तीन अर्थियां एक साथ उठीं। इस दृश्य के बाद से गांव में सन्नाटा छा गया। इस घटना ने न सिर्फ गांव, बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

जानकारी के अनुसार ढाबा संचालक रूपनारायण ने बीते शुक्रवार को अपनी पत्नी तारावती और बेटे संदीप, इन तीनों ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जिंदगी खत्म कर ली। दूसरा बेटा कुलदीप, जो अब न्याय की लड़ाई लड़ रहा है, जिसने आशियाना चौराहा स्थित एक निजी बैंक के कर्मचारियों पर लगातार लोन की वसूली के लिए दबाव बनाए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि राहत देने के बजाय बैंक कर्मचारियों ने सख्ती दिखा घर पर नोटिस चस्पा कर दिया , जिससे परिवार और ज्यादा दबाव में आ गया।

कुलदीप के मुताबिक, 28 नवंबर 2023 को रूपनारायण ने होटल चलाने के लिए 5 लाख 30 हजार 450 रुपये का लोन लिया था। समय के साथ यह रकम घटकर 5 लाख 18 हजार 670 रुपये बकाया रह गई थी। मां की तबीयत खराब होने के चलते उन्होंने बैंक से कुछ समय मांगा था। 19 मार्च को बैंक कर्मचारी रूपनारायण की पान की दुकान पर पहुंचे। वहां कथित तौर पर उन्हें सबके सामने अपमानित किया गया। लोगों के बीच हुई इस बेइज्जती ने परिवार को अंदर तक तोड़ दिया। इसके साथ ही मकान नीलाम करने की धमकी भी दी गई।

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