पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :
बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अपने निलंबन के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने त्यागपत्र दिया है, त्यागपत्र स्वीकार न कर निलंबित कर दिया गया।
अलंकार न्यायालय में अपील करने के सिलसिले में सोमवार को वाराणसी से प्रयागराज आए और कई अधिवक्ताओं से विधिक राय ली। उन्होंने निलंबन को हाईकोर्ट में चुनौती देने के संकेत दिए हैं। साथ ही एससी एसटी कानून को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है।अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि एससी एसटी कानून सामान्य वर्ग के लिए पूरी तरह से काला कानून है। इसको लेकर बरेली में जोरदार प्रदर्शन हुआ। उसके बाद देशभर में बदलाव के खिलाफ धरने होने लगे। जब इस विरोध को नजरअंदाज किया जाने लगा तो इस्तीफा दिया।
पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट ने बातचीत में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति नरम रुख अपने हुए केंद्र सरकार पर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एक कंपनी की तरह चल रही है। इसमें सिर्फ दो लोगों की चलती है, एक नरेंद्र मोदी और दूसरे अमित शाह की। जैसा कि सभी ने देखा कि यूजीसी रेग्युलेशन 2026 जो 13 जनवरी 2026 को गजट में प्रकाशित हुआ, इससे पूरे देश में उबाल आ गया।
वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मिलने के बाद प्रयागराज आए अलंकार अग्निहोत्री ने एक सरकारी गेस्ट हाउस में मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रयागराज में उनके कई अधिवक्ता मित्र हैं, उन्हीं से मिलने आए हैं। निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। इस दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने अपना इस्तीफा वापस लिए जाने की किसी भी संभावना से इनकार किया है। प्रयागराज में अलंकार अग्निहोत्री ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अगर केंद्र सरकार 6 फरवरी तक विशेष सत्र नहीं बुलाती है तो 7 फरवरी से वह दिल्ली कूच करेंगे।
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