पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय जापान के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। यहां पर पीएम मोदी ने भारत-जापान इकोनॉमिक फोरम में हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जापान दौरा कई मायनों में बेहद खास और अहम रहा। पीएम मोदी 20 साल बाद जापान की मदद से 2027 में पूरा होने जा रहा है। साल 2007 में जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब पहली बार उन्हें जापान की बुलेट ट्रेन का अनुभव हुआ। उसी दौरान जब उन्होंने ट्रेन के कॉकपिट से अंदर बैठकर उसे देखा तो उनके मन में भारत में बुलेट ट्रेन लाने का सपना जन्मा,जो अब साकार होने जा रहा है।
शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ जापानी बुलेट ट्रेन में यात्रा की। दोनों नेता बुलेट ट्रेन पर सवार होकर टोक्यो इलेक्ट्रॉन फैक्ट्री के दौरे पर गए। इस दौरान वे जापान की शिंकानसेन नई ALFA-X ट्रेन में सवार हुए। यह ट्रेन जापान की ई10 सीरीज़ शिंकानसेन जैसी है, जिसे भारत में मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के तहत चलाने की योजना है। बीस साल बाद, 2027 में, पीएम मोदी का गृह राज्य गुजरात देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है, जहां बुलेट ट्रेन दौड़ेगी। यह परियोजना भारत-जापान पार्टनरशिप की एक प्रमुख पहचान है।
प्रधानमंत्री ने अपने दूसरे सपने का ऐलान 15 अगस्त को लाल किले से किया था कि भारत को इस साल के अंत तक अपनी पहली ‘मेड इन इंडिया’ चिप मिलने वाली है। यह सपना भी जल्द ही साकार होगा।
जापान की दो दिवसीय यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने अपने समकक्ष शिगेरू इशिबा के साथ शिखर वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। पीएम मोदी की इस जापान की यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और जापान के बीच रिश्तों को और मजबूत करना है।
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