एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष यात्रा से लौटने के बाद 41 दिन बाद लखनऊ पहुंचे हैं। शुभांशु शुक्ला अपनी पत्नी और 6 साल के बेटे के साथ आज सुबह लखनऊ पहुंचे, जहां यूपी के उपमुख्यमंत्री और लखनऊ वासियों ने तिरंगे और फूल-मालाओं के साथ एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया। शुभांशु शुक्ला आज लखनऊ में आयोजित होने वाली विक्ट्री परेड में हिस्सा लिया इस परेड में वह एक विशेष कार में सवार हुए,उनके परिवार के लिए एक अलग ओपन जीप की व्यवस्था की गई है। स्कूल के बच्चों ने अलग-अलग प्रस्तुति देकर ग्रुप कैप्टन का शानदार स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ गाड़ी पर सुषमा खर्कवाल, उनके माता-पिता, पत्नी और बेटा मौजूद रहा।
सूत्रों के अनुसार, ये आयोजन शुभांशु की उपलब्धियों को सम्मानित करने और उनके योगदान के लिए आयोजित किया गया। परेड की सुरक्षा के लिए पुलिस का काफिला भी मौजूद रहा और पुलिस की गाड़ियां इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनी।
स्कूल में बच्चों को संबोधित करते हुए शुभांशु ने कहा कि साल 2040 में भारत चंद्रमा पर मानव भेजेगा। इस मिशन के लिए आप लोग भी तैयारी कीजिए। उन्होंने बच्चों को नेवर गिवअप का मंत्र दिया। कहा कि कभी भी हार मत मानिए। मैं जब आपकी उम्र का था तो आपसे भी औसत था। आप मुझसे भी बेहतर कर सकते हैं। आप सब लोगों ने दिल्ली से ज़्यादा स्वागत और प्यार दिया।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज लखनऊ के लिए बहुत बड़ा दिन है। भारत के सपूत, लखनऊ के सपूत ने लखनऊ में कदम रखा है। जब से वह अंतरिक्ष से धरती पर लौटे हैं, लखनऊ के लोग बेसब्री से उनके आगमन का इंतजार कर रहे थे। आज आखिरकार वह क्षण आ ही गया। हम शुभांशु शुक्ला का गर्मजोशी और प्रेम से स्वागत करते हैं।
दरअसल, शुभांशु को एक्सिओम-4 मिशन के लिए प्राइम एस्ट्रोनॉट के रूप में चुना गया जो नासा, स्पेसएक्स और एक्सिओम स्पेस के सहयोग से 25 जून 2025 को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुआ था। इस मिशन में वह मिशन पायलट थे और कमांडर पैगी व्हिटसन के नेतृत्व में स्लावोज़ उज़्नांस्की-विस्निवस्की (पोलैंड) और टिबोर कपु (हंगरी) के साथ ISS पर गए थे। लखनऊ में जन्मे शुभांशु शुक्ला आईएसएस की यात्रा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने।
एक वीडियो कॉफ़्रेंसिंग के जरिये प्रथम भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने भी शुभांशु को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।
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