पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (मंगलवार) को मानसून सत्र के छठे दिन लोकसभा को संबोधित किया। इस दौरान विपक्ष द्वारा पहलगाम हमले, पाकिस्तान के साथ सीजफायर और ऑपरेशन सिंदूर पर उठाए गए सवालों का जवाब दिया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया था कि ऑपरेशन सिंदूर के शुरुआत में ही भारत ने सीजफायर कर लिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल और अन्य विपक्षी दलों के सवाल पर जवाब देते हुए कहा, ‘वाह रे, बयान बहादुरों… आपको बस विरोध का बहाना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि देश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन कांग्रेस अब अपने मुद्दों के लिए पाकिस्तान पर निर्भर होती जा रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज के युग में सूचना और नैरेटिव का युद्ध भी एक अहम हथियार है। सेनाओं के मनोबल को गिराने और जनता में अविश्वास फैलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। दुर्भाग्य से, कांग्रेस इस नैरेटिव का हिस्सा बन गई है।पीएम ने कहा, ‘देश की सेना ने जब सफलतापूर्वक सर्जिकल स्ट्राइक की, तो कांग्रेस ने सबूत मांगे। लेकिन जब देश का मूड देखा, तो सुर बदलने लगे।
उन्होंने कहा बीएसएफ का एक जवान पाकिस्तान के कब्जे में चला गया था उस वक्त विपक्ष और उनके इकोसिस्टम ने सोशल मीडिया पर तमाम अफवाहें फैलाईं कि अब क्या होगा, जवान कैसे लौटेगा। लेकिन वह जवान भी आन-बान-शान के साथ वापस लौटा।
बालाकोट एयरस्ट्राइक पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘इस बार कांग्रेस कुछ कह नहीं पाई, लेकिन फोटो मांगने लगी. पूछा गया कि कहाँ बम गिरा, कितना नुकसान हुआ.” उन्होंने कहा कि जब पायलट अभिनंदन को पाकिस्तान ने पकड़ लिया था, तब कुछ लोग अंदर ही अंदर खुश हो रहे थे. “लेकिन हम अभिनंदन को वापस लाए और उनकी बोलती बंद हो गई’.
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज आतंकवादी रो रहे हैं. उनकी हालत देख कर यहां भी कुछ लोग रो रहे हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग भारत की सेना की उपलब्धियों से दुखी होते हैं’.
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