पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक
शनिवार सुबह वेलकम स्थित जनता कॉलोनी में ढही चार मंजिला इमारत ने एक ही परिवार के छह लोगों की जिंदगी छीन ली। जो कि यूपी के बिजनौर निवासी अब्दुल, राबिया, जावेद, जूबिया, अब्दुल्लाह, फौजिया है। रविवार दोपहर जब अस्पताल से एक के बाद एक छह जनाजे निकले और कब्रिस्तान पहुंचे, तो हर आंख नम थी। क्षेत्र से हजारों की संख्या में लोग आखिरी रस्म में शरीक होने के लिए कब्रिस्तान पहुंचे। भीड़ ज्यादा होने के कारण शवों को वेलकम की ईदगाह में ही गुस्ल (नहलाने) की रस्म अदा की गई। इसके बाद सभी शवों को वेलकम के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार 35 गज में बनी चार मंजिला इमारत के भूतल पर आंगनबाड़ी केंद्र था। लोगों ने बताया कि रोज सुबह 9 बजे बच्चे आंगनबाड़ी में पढ़ने आते थे। अगर दो घंटे बाद हादसा होता तो कई और जानें जा सकती थीं। ऊपर की मंजिल पर यूपी के बिजनौर निवासी अब्दुल मतलूब, पत्नी राबिया, चार बेटों परवेज, जावेद, नावेद, अब्दुल्लाह उर्फ भूरा, बहू शीजा, पोते अहमद, बेटी जूबिया और दो साल की नवासी फौजिया के साथ रहते थे। अब्दुल, राबिया, जावेद, जूबिया, अब्दुल्लाह, फौजिया की मौत हो गई। शामिल होने के लिए हजारों लोग जमा हुए। गम और खामोशी के बीच पूरे सम्मान और रस्मों के साथ सभी शवों को एक साथ दफना दिया गया।
मामला दिल्ली के वेलकम जनता कॉलोनी का है । जिसमें जमींदोज हुई चार मंजिला इमारत ने पड़ोसियों को भी बेघर कर दिया है।रात बिताने के लिए अब कोई ठिकाना नहीं है। वर्षों की मेहनत की कमाई से बनाया गया मकान टूटकर मलबे में तब्दील हो गई। पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबा हटाने का प्रयास किया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह इमारत गिरने से भीषण आवाज हुई, जिसे सुनकर लोग मौके पर पहुंचे। मलबे से एक मासूम समेत चार लोगों और पड़ोस के एक अन्य मकान से चार अन्य को निकालकर अस्पताल भेजा गया।
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