पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक
कानपुर में नारामऊ ब्लैक स्पॉट पर सड़क हादसे में जान गंवाने वाली शिक्षिका आकांक्षा मिश्रा के एयरफोर्स में कार्यरत पति गौरव मिश्रा गुरुवार को अपने मासूम बच्चे और परिजनों के साथ घटना स्थल पहुंचे। हाईवे पर खून के धब्बे देख वह फफक पड़े।
गौरव ने कहा कि अफसरों ने कट तब बंद कराया, जब उनकी सारी खुशियां छिन गई। कहा कि खतरनाक कट की जानकारी जब अधिकारियों को थीं तो उन्होंने इसका विकल्प पहले क्यों नहीं निकाला। कट अगर पहले ही बंद हो जाता तो आज आकांक्षा उनके साथ होती। उनके साथ मौजूद भाई सौरभ व बहनोई प्रद्युम्न राज शुक्ला ने ढांढस बंधाया।
उन्होंने आगे बताया कि उनका बेटा हर वक्त अपनी मां को ढूंढता रहता है। कभी जोर-जोर से रोने लगता है, तो कभी उनकी गोद से चिपक सिर्फ मां को बुलाने की बात कहता है। गौरांग (आकांक्षा/गौरव का बेटा) न तो ठीक से दूध पी रहा है न ही खेल रहा है। बस हर वक्त मम्मा-मम्मा पुकार रहा है। यहां तक की दो रातों से ठीक से सोया भी नहीं। रूंधे गले से बोले, भगवान ने बहुत गलत किया।
आकांक्षा के ससुर अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आकांक्षा रोजाना बिठूर रोड की ओर से स्कूल आती-जाती थी, लेकिन उस दिन वह नारामऊ की ओर से क्यों आई, इसका कारण भी उसके साथ ही चला गया।
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