पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक :
18 अप्रैल 2026 को संसद के विशेष/बजट सत्र के अंतिम दिन, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शनिवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। महिला आरक्षण बिल कल लोकसभा में विपक्ष के विरोध की वजह से पास नहीं हो सका।
गुरुवार से शुरू हुई और शुक्रवार की मध्यरात्रि तक चली गरमागरम बहस के बाद विधेयक के पक्ष में केवल 298 मत पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया। महिला आरक्षण से संबंधित संविधान (131वां संशोधन) विधेयक का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करना था। लेकिन यह लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा। लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण बिल पर वोटिंग हुई जिसमें सत्ता पक्ष को दो तिहाई बहुमत नहीं मिल सका। विपक्ष के बिल के विरोध में मतदान करने के बाद संसद में महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका।
सूत्रों के अनुसार, आज कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। पीएम ने कहा-विपक्ष ने बहुत बड़ी गलती कर दी है, अब सजा भुगतेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विपक्ष को इसके परिणाम भुगतने होंगे और महिलाओं को जवाब देना होगा। प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “उन्होंने देश की महिलाओं को निराश किया है। यह संदेश हर व्यक्ति तक, हर गांव तक पहुंचाया जाना चाहिए।” प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों के प्रति नाराजगी जताई और कहा कि महिलाओं को 2029 से लोकसभा और विधानसभाओं में आरक्षण देने वाले बिल को गिराकर विपक्ष ने बहुत बड़ी गलती की है। पीएम मोदी ने कहा, देश की महिलाएं उनको माफ नहीं करेगी, विपक्ष को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
पीएम मोदी ने शुक्रवार को बिल पर वोटिंग से पहले कहा था, मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा। कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों। देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है। कृपया करके नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें। मैं सभी सांसदों से कहूंगा कि आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए।
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