प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की, इस दौरान प्रमुख सुशासन, प्रशासनिक सुधार , नीतिगत सुधारों, प्रशासनिक दक्षता, कारोबारी सुगमता और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार की दीर्घकालिक रणनीति की समीक्षा की गई। और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर चर्चा की गई।
करीब चार घंटे चली इस बैठक में कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा, प्रधान सचिव शक्तिकांत दास, सैन्य मामलों के विभाग (डीएमए) के सचिव तथा विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिव शामिल हुए। इस बैठक में मंत्रालयों के कामकाज, आर्थिक विकास, ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े सुधारों की समीक्षा के साथ भविष्य की रणनीति पर भी मंथन किया गया।
इस वित्तीय वर्ष में यह प्रधानमंत्री की सभी केंद्रीय सचिवों के साथ पहली व्यापक समीक्षा बैठकों में से एक थी। पीएम मोदी ने विभागों के बीच बेहतर तालमेल और मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने पीएम गतिशक्ति मंच का अधिक से अधिक उपयोग करने की सलाह दी, ताकि विभाग सही निर्णय ले सकें। प्रधानमंत्री ने सचिवों से कहा कि वे सरकारी योजनाओं का लोगों के जीवन पर पड़ने वाले वास्तविक असर पर खास ध्यान दें। उन्होंने सुशासन के साथ-साथ नागरिक सहभागिता को भी समान रूप से महत्वपूर्ण बताया।
पीएम मोदी ने ‘52 हफ्तों में 52 सुधार’ अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने यह भी कहा था कि ‘विकसित भारत 2047’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि देश की दीर्घकालिक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है।
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