Sunday , April 5 2026

KGMU मे अवैध मजारों को हटाने की प्रक्रिया तेज़

Kkp News

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में स्थित अवैध मजारों को हटाने की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। इन मजारों को हटाने का निर्णय परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। अगले 15 दिन के भीतर इन सभी मजारों को परिसर से हटा दिया जाएगा। इस कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध से निपटने के लिए भी तैयारी की गई है।

लखनऊ के केजीएमयू में धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद परिसर में मौजूद पांच अवैध मजारों को हटाने का नोटिस दिया गया। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) प्रशासन परिसर में मौजूद छह मजारों को अगले 15 दिन में हटाएगा। प्रशासन ने 6 मजारों को चस्पा किए गए नोटिस के माध्यम से 15 दिन के भीतर स्वयं हटाने का अल्टीमेटम दिया है। प्रशासन ने इन ढांचों को अवैध करार देते हुए, इन्हें परिसर में अनुशासनहीनता और मरीजों की आवाजाही में बाधा का कारण बताया है। तय समय में न हटाने पर, पुलिस और प्रशासन की मदद से इन अवैध मजारों को हटाया जाएगा।

केजीएमयू प्रशासन के अनुसार इन मजारों को हटाने के लिए जारी की गई नोटिस की मियाद अब समाप्त हो चुकी है। अब प्रशासन को इसकी सूचना दे जाएगी और 15 दिन में मजार हटाने का मौका दिया जाएगा। केजीएमयू प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि अगले 15 दिन के भीतर सभी छह मजारों को परिसर से हटा दिया जाएगा। मजार हटने से परिसर में खाली जगह उपलब्ध होगी और व्यवस्था बेहतर होगी। इस निर्णय से परिसर में भविष्य के अनधिकृत निर्माणों पर भी रोक लगेगी।


केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के अनुसार रमजान की वजह से मजार हटाने से संबंधित कार्रवाई में ढील दी गई थी। रमजान का महीना बीतने के बाद अब दोबारा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।केजीएमयू परिसर में मजार मामले की शुरुआत वर्ष 2025 में हुई थी। उस समय केजीएमयू प्रशासन ने न्यायालय के आदेश के बाद 26 अप्रैल, 2025 को हाजी हरमैन शाह की मजार के आसपास का निर्माण ध्वस्त किया था। 23 जनवरी, 2026 को पहली नोटिस के बाद नौ फरवरी को दूसरा नोटिस लगाकर 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया। नोटिस में मजारों को हटाने के लिए एक निश्चित समय-सीमा दी गई थी। दो नोटिस जारी करने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत संबंधित पक्षकारों को एक दिन का अतिरिक्त समय मजार हटाने के लिए दिया गया।

केजीएमयू प्रशासन की ओर से मजार हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के बाद काफी विवाद हो चुका है। शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने इसका विरोध किया है।उन्होंने कहा कि मस्जिद, मजारों को टारगेट किया जा रहा है।मजारों की वजह से रास्ता बाधित होता है ये ग़लत है। मजारों को बहाना बनाया जा रहा है क्योंकि उन्हें टारगेट किया है।उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से इस नोटिस को वापस लेने की अपील की।

इस मामले में ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन की ओर से इस मामले में केजीएमयू कुलपति और भूमि संबंधी मामलों के नोडल प्रो. केके सिंह के खिलाफ तहरीर दी है। वहीं केजीएमयू प्रशासन ने छवि खराब करने और धमकाने का आरोप लगाते हुए मोहम्मदी मिशन को लीगल नोटिस भेजा था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit exceeded. Please complete the captcha once again.

E-Magazine