पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबंध संपादक
धर्मांतरण कांड का मुख्य आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा गिरफ्तारी से पहले लखनऊ के जिस होटल में ठहरा था, वहां के मैनेजर ने कुछ हैरान करने वाली बातें बताई हैं। मैनेजर के मुताबिक, छांगुर बाबा अपनी करीबी नीतू रोहरा उर्फ नसरीन के साथ विकास नगर इलाके में स्थित उनके ही होटल छांगुर और नसरीन बाप-बेटी बनकर रुके हुए थे। दोनों 16 अप्रैल को आए और होटल के रूम नंबर-102 में 5 जुलाई तक रुके। 5 जुलाई को यूपी एटीएस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
तमिलनाडु की मूल निवासी नीतू वोहरा शादी के बाद मुंबई में पति नवीन वोहरा के साथ रह रही थी। लेकिन लंबे समय तक कोई बच्चा न होने के कारण से किसी ने ‘पीर बाबा’ बताकर उसकी मुलाकात छांगुर बाबा से करा दी। बाबा के संपर्क में आने के बाद नीतू उसके जाल में फंस गई।धीरे-धीरे छांगुर ने नीतू का धर्म बदलवा दिया, उसे नसरीन बना दिया. वहीं, उसके पति नवीन को जमालुद्दीन बना दिया। इसके बाद दोनों पति और पत्नी छांगुर बाबा के साथ मिलकर धर्म परिवर्तन का नेटवर्क चलाने लगे। बीते दिनों बलरामपुर स्थित उसकी कोठी पर बुलडोजर एक्शन हुआ था। ये कोठी नसरीन के नाम पर थी।
बता दें उत्तर प्रदेश ATS ने लखनऊ से 50 हजार रुपए के इनामी अभियुक्त जमालुद्दीन उर्फ छांगुर उर्फ झांगुर बाबा को गिरफ्तार कर एक बहुस्तरीय अवैध धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश किया था। बाबा के साथ नीतू उर्फ नसरीन को भी गिरफ्तार किया गया था । दोनों के खिलाफ लखनऊ स्थित ATS थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
इस गिरोह ने ‘प्यार, पैसा और पहचान’ के नाम पर न केवल धर्म बदला, बल्कि समाज की जड़ें हिलाने की कोशिश की। झांगुर बाबा हिंदू लड़कियों के पास मुस्लिम लड़कों को हिंदू बनाकर भेजता था। धोखे से या डराकर उनका निकाह भी करा देता था।
ATS की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए थे गिरोह ने जाति आधारित दरें तय कर रखी थीं। ब्राह्मण, क्षत्रिय, सिख लड़कियों के धर्म परिवर्तन पर 15–16 लाख रुपए, OBC वर्ग की लड़कियों के लिए 10–12 लाख रुपए, अन्य जातियों के लिए 8-10 लाख रुपए तक का भुगतान किया जाता था।
झांगुर बाबा ने ‘शिजर-ए-तैय्यबा’ नाम की एक किताब भी प्रकाशित कराई थी, जो ब्रेन वाशिंग का हथियार थी। इस पुस्तक के जरिए इस्लामिक कट्टरता और धर्म परिवर्तन की विचारधारा को फैलाया जाता था। गिरोह के सदस्यों के लगभग 40 विदेश यात्राएं, 40 फर्जी अकाउंट और 100 करोड़ का लेन-देन का मामला सामने आया है। जो विदेशी फंडिंग से आती थी,उसको धर्म परिवर्तन और संपत्ति खरीद में इस्तेमाल किया जाता था।
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