पूनम शुक्ला:मुख्य प्रबन्ध संपादक:
उत्तर प्रदेश को फार्मा सेक्टर का हब बनाने के लिए ललितपुर में बल्क पार्क बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि इस बड़े पैमाने पर इंडस्ट्रियल टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाए। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा दबाव के लिए कच्चे माल का उत्पादन करने के लिए जो उद्यमी यहां पर निवेश करेंगे उन्हें विश्व स्तरीय सुविधाएं दिलाई जाएंगे।
यहां फार्मास्यूटिकल उत्पादों के लिए राज्य भी निर्माण पावर हाउस के रूप में कार्य करेगा। यह ललितपुर में बल्क ड्रग पार्क बनाया जा रहा है। बल्क ड्रग को API यानी active pharmaceutical ingredient कहा जाता है। जो किसी भी दवा का मुख्य तत्व है। API दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले दो कंपोनेट में से एक है, इसे किसी दवा के लिए कच्चा माल कहा जा सकता है। ऐसे में बल्क ड्रग पार्क एक ऐसा स्थान होगा जहां दवा तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग तत्वों का निर्माण होगा। इन तत्वों को एक्टिव फॉर्मास्युटिकल्स इनग्रीडिएंट्स (एपीआई) कहते हैं।
इस पार्क में यहां पर सक्रिय दवा सामग्री एमपी और मुख्य प्रारंभिक सामग्री के एस एम तैयार करने वाली इकाइयों का गढ़ बनेगा। इस (bulk drug parks in india) योजना के तहत एक ही स्थान पर बेसिक इफ्रास्ट्रक्चर यानी सामान्य बुनियदी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। जिससे देश में थोक दवा निर्माण के लिए एक मजबूत सिस्टम तैयार होगा, जिससे दवा की लागत में कमी आएगी । क्योंकि देश में बल्क ड्रग पार्क होने से बल्क ड्रग यानी कच्चे माल के आयात पर निर्भरता रकम होगी और देश में ही दवा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा ।
दवाई तैयार करने के लिए जरूरी कच्चा माल यहां पर तैयार होगा। फार्मा सेक्टर के ग्लोबल लीडर्स को आकर्षित करने के लिए यहां पर विशेष श्री सुविधा दी जाएगी। थोक दवा निर्माण उद्योग के यह इनक्यूबेटर यानी उन्हें उद्यम स्थापित करने में मदद करने वाले केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यहां अत्याधुनिक प्रयोगशाला का बड़ा वेयरहाउस इत्यादि की सुविधा मिलेगी या उत्कृष्ट केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा जो की दवा भी निर्माण उद्योग को बढ़ावा देगा।
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