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100 करोड़ के घोटाले में ग्रेटर नॉएडा प्राधिकरण का प्रबंधक गिरफ्तार

दिनेश सिंह-दिल्ली एनसीआर ब्यूरो:

2014 में ग्रेटर नॉएडा के तुस्याना गाँव में 100 करोड़ रूपये के हुए जमीन घोटाले में एसआईटी व इकोटेक -3 कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ग्रेटर नॉएडा प्राधिकरण के तत्कालीन प्रबंधक कैलाश भाटी,प्राधिकरण के क्लर्क कमल सिंह और दीपक भाटी निवासी मकोड़ा को गिरफ्तार किया गया है |

कैलाश भाटी वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) में तैनात हैं | अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय के अनुसार फ़रवरी-2021 में इकोटेक -3 कोतवाली में सच सेवा ट्रस्ट की ओर से तुस्याना में हुए भूमि घोटाले को लेकर एक अभियोग पंजीकृत कराया गया था | जिसके बाद वरिष्ट अधिकारियों के आदेश पर इसकी जांच के लिए अप्रैल-2021 में एसआईटी गठित की गयी |

एसआईटी ने जांच में पाया कि तुस्याना ग्राम के खसरा संख्या-1104 की 20 बीघा जमीन से सम्बंधित प्राधिकरण के कागजातों में छेड़छाड़ और षड़यंत्र करते हुए 20 प्रतिशत मुआवजा फर्जी लोगों ने उठाया है | किसान आबादी का छह प्रतिशत भूखंड जो ग्राम तुस्याना में आवंटित था, उसे ग्राम तुगलपुर हल्दौना केपी -1 में स्थानांतरित कर दिया गया था |

दरअसल, टीपीएल कंपनी लिमिटेड ने तुस्याना में इलेक्ट्रानिक सिटी बसाने के लिए 20 अप्रैल 1989 को उत्तर प्रदेश सरकार से भूमि खरीदने की अनुमति हासिल की थी | लेकिन कंपनी द्वारा मंजूरी की शर्तों का उलंघन करने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एनओसी को रद्द करते हुए 17 अगस्त 2006 को पूरी जमीन अपने कब्जे में ले ली | खसरा संख्या 1104, कंपनी की खतौनी में दर्ज था |

इसके बाद कंपनी के डायरेक्टर पी एस समरवाल ने इस खसरे से करीब 20 बीघा जमीन को मकोड़ा निवासी राजेंद्र सिंह व उनके परिवार के लोगों के नाम पॉवर ऑफ़ अटार्नी कर दी | इसके बाद इस जमीन पर 2014 से 2017 तक ग्रेटर नॉएडा प्राधिकरण से 100 से 150 करोड़ रूपये के बीच मुआवजा उठाया गया | इसके बाद 64 प्रतिशत मुआवजा देने का कोर्ट से आदेश करा लिया गया | लेकिन जिला प्रशासन ने मुआवजा नहीं दिया |

मुख्य आरोपी मकोड़ा निवासी राजेंद्र सिंह को पट्टे की जमीन के बदले में मुआवजा व 6 प्रतिशत प्लाट मिला | लेकिन इसे कैलाश भाटी समेत कई अधिकारियों ने गलत तरीके से स्थानांतरित करते हुए के पी-1 तुगलपुर में लगा दिया | इसके बाद राजेंद्र सिंह ने इस जमीन पर कमर्शियल बिल्डिंग बना ली, और प्लाट का जो अप्रूवल हुआ था उसमें कई नाम बदलकर फर्जीवाडा किया गया |

24 नवम्बर 2021 को एक ही दिन में आवंटन अप्रूवल,लीज डीड, रजिस्ट्री और पाजेशन दे दी |

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