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मृत गोवंश के साथ जिंदा गौवंश को दफनाए जाना-गोशाला प्रबंधन की बड़ी लापरवाही

पूनम शुक्ला:मुख्य प्रबन्ध संपादक:

हसनपुर की कान्हा गौशाला प्रकरण में बड़ी क्रूरता सामने आई है। अफसरों को पता चला है कि चिकित्सक गौशाला का दौरा करते ही नहीं थे। एक दिन पहले यहां सात गायों की अचानक मौत हो गई। उन्हें दफनाने के दौरान दूसरी एक बीमार जिंदा गाय को भी दफनाया जाने का मामला सामने आया है।मामला अमरोहा की हसनपुर नगर पालिका परिषद की कान्हा गौशाला के प्रबंधन की लापरवाही का है।

अमरोहा के उप पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर चमन प्रकाश द्वारा हसनपुर थाने में दर्ज करवाए गए मुकदमे के मुताबिक गौशाला में 293 गोवंश का रखरखाव किया जा रहा है। 12 जून को कुछ पशु वृद्धावस्था और कमजोरी की वजह से मृत्यु को प्राप्त हुए। बुधवार देर शाम को सात मृत गायों के साथ -साथ एक बीमार व जिंदा गाय को भी दफनाया जा रहा था, तभी विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। जिंदा गाय को दफनाने की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

यह मामला शासन तक पहुंचने पर बृहस्पतिवार को डी एम राजेश कुमार त्यागी ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। जिला प्रशासन ने अपनी जांच में पाया है कि मृत गोवंश को समय से दफनाया नहीं गया । जब मृत गोवंश को दफनाए जाने लगा तो साथ ही एक जिंदा गौवंश को भी दफनाया जा रहा था।

शासन ने कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर परिषद के अधिशासी अधिकारी (ईओ) पी.एन दीक्षित को निलंबित कर गौशाला संचालक में लगे लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई है। इनमें पांच नामजद जबकि एक अज्ञात है। वहीं डीएम की ओर से उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के निलंबन की संस्तुति की गई है। यही नहीं एसडीएम पर भी तबादले को लेकर गाज गिरी है | उन्हें तहसील से हटाते हुए मुख्यालय में अटैच किया गया।

गौशाला प्रभारी और सह प्रभारी भी निलंबित कर दिए गए हैं। डीएम अमरोहा द्वारा नगर निगम विकास विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि एडीएम की जांच रिपोर्ट के मुताबिक इतनी गंभीर घटना के बाद भी उप पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर चमन प्रकाश मौके पर नहीं थे। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में पशुओं के स्वास्थ्य पर कोई टिप्पणी नहीं है जबकि जानवरों को देखने से ही पता चलता है कि वह लंबे समय से बीमार थे। समय से मृत गोवंश को ना दफनाने की वजह स्टाफ ने बताई कि जेसीबी नदी में खुदाई के लिए गई थी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 11 जून को चार जबकि 12 जून को तीन गौवंश की मौत हुई थी। पीएम रिपोर्ट में गोवंश की मौत की वजह शॉक और डिहाइड्रेशन बताई गई है । जांच में पाया गया कि पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित जांच भी नहीं हुई थी।

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