नई दिल्ली में 6 अक्टूबर 2026 को हुई केबिनेट मीटिंग के दौरान केंद्र सरकार ने देश में छोटे और मझोले उद्योगों को वित्तीय सहायता देने तथा परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था में बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से दो प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
कैबिनेट के पहले फैसले के तहत SME ग्रोथ फंड की स्थापना के लिए ₹10,000 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है। केंद्रीय कैबिनेट ने ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड और इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) की स्थापना को मंजूरी प्रदान की।
इस पहल से पात्र उद्यमों को विकास, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए व्यावसायिक अवसरों की दिशा में सहायता मिलने की उम्मीद है। मुख्य रूप से इस फंड का उद्देश्य छोटे और मझोले उद्यमों को इक्विटी के माध्यम से पूंजी उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने कारोबार का विस्तार कर सकें और प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ा सकें।
दूसरे फैसले के तहत इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) स्थापित की जाएगी। इसका प्रमुख उद्देश्य सड़क, रेल, बंदरगाह, विमानन और जलमार्ग सहित परिवहन के विभिन्न माध्यमों की योजना और कार्यान्वयन में बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
प्रस्तावित अथॉरिटी दस वर्ष या उससे अधिक अवधि को ध्यान में रखकर राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान तैयार करेगी। इसके अतिरिक्त, ₹500 करोड़ या उससे अधिक लागत वाली केंद्र सरकार की परिवहन एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन और निगरानी भी इसके प्रमुख कार्यों में शामिल होगी।
नई व्यवस्था के माध्यम से परिवहन से जुड़े आंकड़ों का एकीकृत उपयोग, परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा और लॉजिस्टिक्स नीति के क्रियान्वयन में सहयोग मिलने की उम्मीद है।
SME ग्रोथ फंड से पात्र छोटे और मझोले व्यवसायों को विस्तार के लिए पूंजी जुटाने का अवसर मिल सकता है। वहीं, परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बेहतर समन्वय से माल की आवाजाही, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी और दीर्घकालिक योजना को मजबूती मिल सकती है।
इन पहलों का वास्तविक प्रभाव फंड के संचालन संबंधी नियमों, परियोजनाओं के क्रियान्वयन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर निर्भर करेगा। हालांकि, इसके लिए संबंधित दिशा-निर्देशों को देखना आवश्यक होगा कि फंड का लाभ किन कंपनियों को और किन शर्तों पर मिलेगा।
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