दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन
हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। इस खबर से सिनेमा जगत में शोक की लहर है। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में गहरा दुख है। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने गोवा स्थित अपने आवास पर तबीयत बिगड़ने के बाद अंतिम सांस ली।
नाना पाटेकर को अपनी प्रभावशाली अभिनय शैली, संवाद अदायगी और अलग-अलग तरह के किरदारों को पर्दे पर जीवंत करने के लिए पहचाने जाते थे। हिंदी सिनेमा में बड़ी तादात में उनके फैन फ़ॉलोइंग है । उन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं और हिंदी तथा मराठी फिल्मों में अपनी अलग पहचान भी बनाई। उन्हें अपने अभिनय के लिए तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले थे। वर्ष 2013 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था।
वर्ष 1978 में फिल्म ‘गमन’ से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत करने वाले नाना पाटेकर ने ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उल्लेखनीय अभिनय किया। उनकी भूमिकाओं ने दर्शकों के बीच उन्हें खास लोकप्रियता दिलाई। अभिनय के साथ-साथ वे सामाजिक कार्यों में भागीदारी के लिए भी जाने जाते थे। इतनी बड़ी हस्ती होने के बावजूद भी नाना पाटेकर बहुत सादगी से रहते थे। नाना पाटेकर का फिल्मी योगदान दर्शकों के बीच लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके निभाए किरदार भारतीय सिनेमा की यादगार प्रस्तुतियों में शामिल रहेंगे।
उनके निधन के बाद राजनीतिक नेताओं, फिल्मी हस्तियों और प्रशंसकों ने श्रद्धांजलि दी। महाराष्ट्र में उनके अंतिम संस्कार की व्यवस्था राजकीय सम्मान के साथ की गई। पुणे स्थित उनके फार्महाउस पर परिवार, मित्रों और प्रशंसकों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
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