देश की संसद में सरकार ने 59,019 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया है।खबर के सामने आने के बाद से लोगों के मन में सबसे कई सवाल आ रहे है कि अनुपूरक बजट होता क्या है और इससे होने वाला लाभ किसे मिल सकता है?
आइए, इसे यह विस्तार में समझते हैं।
सबसे पहले आप जानिए कि अनुपूरक बजट क्या है…
जब किसी वित्तीय वर्ष के दौरान सरकार को पहले से तय बजट के अलावा अतिरिक्त धन की आवश्यकता होती है, तब वह संसद के सामने अनुपूरक बजट पेश करती है। इसका उद्देश्य नए खर्चों, पहले से चल रही योजनाओं की अतिरिक्त जरूरतों या अन्य आवश्यक सरकारी कार्यों के लिए धन उपलब्ध कराना होता है।
इस बार पेश किए गया अनुपूरक जो कि 59,019 करोड़ रुपये का है,उसे भी इसी उद्देश्य से लाया गया है। यह राशि विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी विभागों की अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रस्तावित की गई है। इस बजट की अंतिम स्वीकृति संसदीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी जाती है।
यदि इस अतिरिक्त धन का उपयोग कई क्षेत्रों में काम की गति बढ़ाने में किया जाता है जैसे विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास या सामाजिक कल्याण योजनाओं में किया जाता है। इससे संबंधित योजनाओं के लाभार्थियों को भी अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि किस विभाग या योजना को कितनी राशि मिलेगी।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अनुपूरक बजट सरकार को वित्तीय वर्ष के बीच में बदलती परिस्थितियों के अनुसार खर्च करने की सुविधा देता है। इससे आवश्यक परियोजनाओं को धन की कमी के कारण रुकने से बचाया जा सकता है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है कि महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम समय पर पूरे हों।
संसद की कार्यवाही और सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले विस्तृत आवंटन के बाद ही स्पष्ट होगा कि कि किन मंत्रालयों, योजनाओं और परियोजनाओं को अतिरिक्त राशि मिलेगी और उसका प्रभाव आम लोगों तक किस प्रकार पहुंचेगा।
फिलहाल, इतना जरूर कहा जा सकता है कि यह 59,019 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट देश की वित्तीय योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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