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प्रेग्नेंसी रखने के लिए मजबूर करना, महिला के अधिकार का हनन

दिनेश सिंह-एनसीआर ब्यूरो

सुप्रीमकोर्ट ने कहा है कि किसी भी महिला को (चाहे वह विवाहित हो या अविवाहित हो) 24 हफ्ते तक नियम के तहत सुरक्षित तरीके से गर्भपात करवाने का अधिकार है | क्योंकि प्रजनन महिला का अधिकार है और अपने शारीर पर उसकी स्वतंत्रता है | विवाहित महिला जैसे ही अविवाहित महिला को भी प्रजनन का अधिकार है | गर्भपात का फैसला महिला की शारीरिक स्वतंत्रता से जुदा मामला है | यदि कोई सरकार किसी महिला को उसकी इच्छा के विपरीत गर्भधारण करने को बाध्य करती है तो तो वह उसकी गरिमा पर चोट व अपमान है | शीर्ष कोर्ट ने कहा है कि रेप या मैरिटल रेप यानि वैवाहिक बलात्कार की शिकार महिला को भी 24 हफ्ते तक प्रेग्नेंसी ख़त्म करने का अधिकार है | सुप्रीमकोर्ट ने अविवाहित महिला को गर्भपात अवधी में छूट देकर गर्भपात के मामले में भारत को अमेरिका से आगे कर दिया है | क्योंकि अभी हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात को क़ानूनी तौर पर मंजूरी देने वाले अपने 50 साल पुराने “रो बनाम वेड” केस में दिए गए फैसले को पलटते हुए गर्भपात कानून -1973 को समाप्त कर दिया था | शीर्ष अदालत ने मेडिकल टर्मीनेशन ऑफ़ प्रेग्नेंसी एक्ट(MTP Act) के तहत पहली बार मैरिटल रेप पर स्थिति साफ़ की है |

सुप्रीमकोर्ट के समक्ष एक मुद्दा आया था कि क्या कोई अविवाहित महिला जो सहमति से गर्भवती हुई है | वह क़ानूनी रूप से 20 से 24 हफ्ते के गर्भ को ख़त्म कर सकती है | इस पर सुप्रीमकोर्ट के जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़,जस्टिस ए एस बोपन्ना,व जस्टिस जे बी पारदीवाला की पीठ ने कहा है कि अविवाहित महिला को एमटीपी एक्ट के दायरे से बाहर रखना गैर संवैधानिक है | ऐसी अविवाहित महिला जो सहमति से प्रेग्नेंट हुई है यानि लिव-इन-रिलेशन में रहते हुए प्रेग्नेंट हुई है तो उसे गर्भपात के अधिकार से वंचित करना गैर संवैधानिक है |

महिला के अधिकार को ऊपर बताते हुए सुप्रीमकोर्ट ने कहा है कि एमटीपी एक्ट की धारा 3(बी) में महिला शब्द का उल्लेख है | अगर इसके अर्थ को सिर्फ विवाहित महिला ही समझा जायेगा तो यह एक घिसी-पिटी व्याख्या होगी | महिला को अपने अधिकार की स्वतंत्रता देना जरुरी है | अविवाहित महिला को भी प्रजनन का अधिकार है | उच्च अदालत ने कहा है कि फैसले के प्रति सामाजिक बदलाव को भी देखना चाहिए | गैर परंपरागत परिवार बन रहे हैं, और उन्हें मान्यता दी जा रही है | जब सामाजिक नियम बदल रहे हैं तो कानून को भी बदलना चाहिए |

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