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गाज़र : सेहत का ख़जाना

तृप्ति शुक्ला – न्यूट्रीशनिस्ट

भारतीयों में फल, सब्जी एवं सलाद के रूप में प्रयोग की जाने वाली गाजर गरीबों का टानिक है। इसमें विटामिन बी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसमें जो पोषक तत्व होते हैं, वे सेवन करने वाले के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। इसके कुदरती गुण कई बीमारियों में बेहद लाभकारी होते हैं।
गाजर एक सब्जी का नाम है। यह लाल, काली, नारंगी, कई रंगों में मिलती है। यह पौधे की मूल (जड़) होती है।
गाजर में संतुलित आहार के सभी गुण मौजूद हैं। इसके सेवन से रक्त में वृद्धि होती है। गाजर में विटामिन ‘ए’,’बी’, ‘सी’, ‘डी’,’ई’, और ‘के’ मिलते हैं। गाजर का जूस पीने या कच्ची गाजर खाने से कब्ज की परेशानी खत्म हो जाती है। यह पीलिया की प्राकृतिक औषधि है। इसका सेवन लयूकेमिया (ब्लड कैंसर) और पेट के कैंसर में भी लाभदायक है। गाजर में बिटा-केरोटिन नामक औषधीय तत्व होता है, जो कैंसर पर नियंत्रण करने में उपयोगी है। इसके सेवन से इम्यूनिटी सिस्टम तो मजबूत होता ही है साथ ही आँखों की रोशनी भी बढ़ती है गाजर के सेवन से शरीर को उर्जा मिलती है।
शरीर में खनिज (मिनरल) नहीं पहुँचने से शरीर की सफाई पूरी तरह से नहीं होती है | सब्जियाँ जैसे गाजर, मूली, टमाटर ,नींबू से प्राप्त मिनरल रोग-निवारक और शारीरिक सुन्दरता बढ़ाने वाले होते है। (Alkaline) क्षारीय होने से गाजर रक्त साफ करती है। गाजर के गुण, दूध तथा Cod liver oil के गुणों के समान होते हैं। गाजर और सेब के गुण भी मिलते-जुलते हैं।
गाजर के प्रकार:
1. पूसा केसर- इस क़िस्म का विकास भारतीय कृषि ने किया है। यह गाजर रंग में केसरिया होती है। इसमें देशी और विदेशी दोनों ही क़िस्मों के दोनों ही गुण होते हैं, क्योंकि इसका विकल्प इन दोनों किस्मों के मेलजोल से उत्पन्न किया गया है।
2. हाफ़ लौंग नैण्टेज और कोर लैंस– गाजर की ये क़िस्में यूरोपियन हैं। ये आकार में ठूंठदार, बेलनाकार, स्वाद में मीठी तथा रंग में नारंगी होती हैं। भारत में इसका प्रचलन बहुत अधिक है।
3. कैनटैनी- इस क़िस्म की गाजर का नीचे वाला भाग गोल होता है, यह सामान्य क़िस्मों से कुछ भिन्न होती है। इसका रंग गहरा नारंगी होता है।
गाजर के औषधीय गुण:
कैंसर के खतरे को कम करे:
गाजर में बीटा कैरोटीन पाया जाता हैं जो कैंसर के खतरे को कम करता है।नियमित खाने वाले लोगो में आंतो का कैंसर होने का खतरा 24% तक हो जाता हैं। गाजर मेँ मौजूद पॉलीएसिटिलीन तत्व कैंसर के ट्यूमर को बनने से रोक देता है। कैंसर मेँ बनने वाली कोशिकाओं को भी खत्म कर देता है । गाजर में मौजूद रेटिनॉइक एसिड महिलाओं में स्तन कैंसर की कारक कोशिकाओं में होने वाले शुरूआती बदलाव को रोक सकता है ।
ह्रदय रोगियों के लिए फायदेमंद:
गाजर में Carotenoid पाया जाता हैं जो दिल के मरीजों के लिए फायदेमंद होता हैं। कैरोटिनॉयड्स पौधों में रंग के लिए जिम्मेदार ऑर्गेनिक पिगमेंट होते हैं, जो केवल पौधों में ही पाए जाते हैं। गाजर को खाने से कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम किया जा सकता हैं।
बच्चो के लिए उपयोगी:
छोटे बच्चे के जब नए दातं निकलने लगते हैं, उस समय उन्हें गाजर का जूस जरूर पिलाते रहे। इससे दांत आसानी से निकल जाते हैं और बच्चें को दूध भी आसानी से हजम होने लगेगा। बच्चा जब चलने लायक होने लगे तो उसे गाजर के जूस में संतरे का जूस मिक्स करके पिलाना चाहिए। इससे बच्चा शक्तिशाली बनता हैं।
आँखों के लिए फायदेमंद:
गाजर के सबसे उत्तम स्वास्थ्य गुणों में से एक है- स्वस्थ दृष्टि। गाजर में विटामिन ए की उच्च मात्रा पाई जाती है जिसका आँखों के स्वास्थ्य से सीधा एवं सकरात्मक संबंध है। इसके अलावा, गाजर में उपस्थित बीटा कैरोटीन मोतियाबिंद और उम्र से संबंधित मोतियाबिंद के खिलाफ आँखों को रक्षा करता है।

गठिया में फायदेमंद:
गठिया की बीमारी से बचने के लिए हर दिन आपको 1 गाजर जरूर खाना चाहिए। इससे हड्डियाँ मजबूत बनती हैं क्यूंकि इसमें विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है।
एनीमिया दूर करे:
खून की कमी से एनीमिया की बीमारी हो जाती हैं। गाजर में आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं। इसलिए महिलाओं को पीरियड्स के दौरान गाजर खाने की सलाह दी जाती हैं। गाजर में विटामिन ई पाया जाता हैं जो नया खून जल्दी बनाने में मदद करता है।
पीलिया में फायदेमंद:
पीलिया की बीमारी होने पर गाजर का सेवन करना फायदेमंद होता हैं। इसे पीलिया का नेचुरल उपचार भी माना जाता हैं। यह लिवर में पित्त एवं जमा हुए फैट को कम करने में सहायक है। नियमित रूप से गाजर का सेवन लिवर में जलन, सूजन व संक्रमण को कम करता है जिससे हेपेटाइटिस, सिरोसिस और पित्तस्थिरता जैसी लिवर समस्याओं से लिवर को संरक्षण मिलता है।
ब्लड प्रेशर सही रखे:
गाजर में पोटैशियम होता हैं जो ब्लड प्रेशर को सही बनाये रखने में मदद करता हैं। यह बीटा-कैरोटीन, अल्फा-कैरोटीन और लयूतिन से भरपूर है, जो काफी अच्छे एंटीऑक्सीडेंट हैं और कोलेस्ट्रॉल का विरोध करने में और दिल का दौरा पड़ने के खतरे को कम करने में भी मददगार हैं।
कब्ज़ दूर करे:
गाजर में पर्याप्त मात्रा में फाइबर शामिल है जो पाचन स्वास्थ्य को बनाये रखने में अत्यंत महत्वपर्ण भूमिका निभाता है और कब्ज़ की समस्या दूर होती है।
रोग प्रतिकारक शक्ति बढ़ाये:
गाजर के सेवन से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता हैं। गाजर का जूस पीने से बॉडी की इम्युनिटी बढ़ती हैं और आपको सर्दी-जुकाम, खांसी आदि से भी बचाता हैं। इसके सेवन से शरीर को कई सारी बीमारियों से सुरक्षा मिलती है।
मौखिक स्वास्थ्य में सुधार लायें:
गाजर मौखिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इस स्वास्थ्य-वर्धक सब्ज़ी को चबाकर खाने से दाँत की मैल एवं उसमें फसे भोजन के कण दूर हो जाते हैं। इसके अलावा, गाजर सलाइवा (लार) के उत्पादन को उत्तेजित करते हैं। इसका क्षारीय प्रभाव मुंह में बैक्टीरिया के विकास पर भी रोक लगाता है जो कैविटी, मुंह से दुर्गंध और अन्य मौखिक स्वास्थ्य समस्याओं को दूर रखता है।
निखरी त्वचा के लिए:
एंटी ऑक्सीडेंट और विटामिन ए का एक प्रचुर स्रोत होने की वजह से गाजर एक शक्तिशाली प्राकृतिक सन ब्लाक का भी काम करता है। गाजर सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से त्वचा की रक्षा करता है। यह त्वचा को नम रखती है और मुँहासे, pigmentation, धब्बे और असमान त्वचा टोन से त्वचा का बचाव करती है।

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