Tuesday , July 23 2024

एफिल टावर से भी ऊंचा आर्च पुल से गुजरी ट्रेन

पूनम शुक्ला : मुख्य प्रबन्ध संपादक:

लंबे इंतजार के बाद आखिर वह ऐतिहासिक छड़ ही गया जिसका लोगों को काफी समय से इंतजार था। 1.3 किलोमीटर लंबा यह पुल चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे पुल की है। यह पुल चिनाव नदी के तल से 359 मीटर ऊंचा है। गुरुवार को आठ डिब्बों वाली ट्रेन पहली बार :जम्मू कश्मीर के रियासी में चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे उंचे रेलवे के “आर्च” पुल से होकर गुजरी। पुलों के पिलर की नींव से ऊंचाई 103.26 मीटर और जमीन के ऊपर का भाग 95 मीटर है ।

यह पिलर कुतुब मीनार से 22 मीटर ऊंचा है। कुतुब मीनार की ऊंचाई 73 मीटर है। रियासी में बना विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे का यह आर्च पूल एफिल टावर से 35 मीटर ऊंचा है। रियासी के कौड़ी में हाल्ट स्टेशन भी होगा, ताकि यात्री यहां उतरकर पुल और आसपास के नजारे को कमरे में कैद कर सके। रियासी स्टेशन ग्रां बरेयोतरा इलाके में दो सुरंगों के बीच है। यहां ट्रेन खड़ी होगी तो उसका कुछ हिस्सा सुरंग में और कुछ पुल पर होगा।

रामबन के संगलदान से रियासी स्टेशन तक 46 किलोमीटर का सफर तय करने में डेढ़ घंटा लगा। ट्रेन को 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया गया । इस ट्रेन पर परियोजना से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी सवार थे। जिन जगहों से यह ट्रेन गुजरी वहां के लोगों ने भारत माता की जय के जयघोष से स्वागत किया। वहीं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर लिखा “ट्रायल सफल रहा”। रविवार को संगलदान रियासी के बीच केवल इंजन गुजरा था।

अब रेलवे सुरक्षा आयुक्त परियोजना के निरीक्षण के लिए 27 और 28 जून का दौरा करेंगे । हरी झंडी के बाद रियासी से कश्मीर तक ट्रेन दौड़ने लगेगी। कश्मीर के लिए अब केवल रियासी से कटरा के बीच 17 किलोमीटर रेलखंड का निर्माण अंतिम चरण में है। उम्मीद है कि वर्ष के अंत तक कश्मीर रेल मार्ग से देश के साथ जुड़ जाएगा।

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