Friday , April 12 2024

अविवाहित महिला का बच्चा भी भारत का नागरिक

केकेपी न्यूज़ ब्यूरो:

केरल हाईकोर्ट ने एक केस के मामले में अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा है कि आज समाज की परिस्थितियां बदल चुकी है | हमारा संविधान देश में सबको निजता,स्वतंत्रता व गरिमा के साथ रहने का मौलिक अधिकार देता है | इसलिए अविवाहित माँ और रेप पीडिता के बच्चे भी इन्हीं अधिकारों के साथ रह सकते हैं |

ऐसे बच्चे एकल अभिभावक के तौर पर माँ का नाम लिखेगें | केरल हाईकोर्ट के न्यायाधीश पी वी कुन्हीकृष्णन ने अपने इस आदेश में कहा है कि अविवाहित माँ का बच्चा भी इस देश का नागरिक है | कोई भी संविधान के तहत मिले उसके किसी भी मौलिक अधिकार का उलंघन नहीं कर सकता |

उच्च न्यायालय ने यह भी कहा है कि राज्य को उसकी पहचान और निजता का खुलासा किये बिना अन्य नागरिकों की तरह उसके सम्मान की रक्षा करनी चाहिए | हम ऐसा समाज नहीं चाहते है जिसमें कर्ण जैसा कोई किरदार हो, जो अपने माता-पिता का पता न जानने के कारण तिरस्कृत होता रहे और अपने जीवन को कोसता रहे |

हमें नये युग का कर्ण बनाना होगा जो गरिमापूर्ण जीवन जी सके | इसके लिए हमारा संविधान व संवैधानिक कोर्ट उन सभी की रक्षा करेंगे |

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